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खुद को डीएसपी भी बताता था गैंगस्टर राजेश भारती
- दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में वारदात के बाद पुलिस से बचने को बन जाता था फर्जी डीएसपी
गिरोह के रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गैंगस्टर राजेश भारती खुद को डीएसपी भी बताता था। दिल्ली में रुकवाने पर उसने कई बार पुलिसकर्मियों के सामने खुद को डीएसपी बताया। गिरोह के सदस्य भी कई बार डीएसपी के रूप में ही राजेश भारती का परिचय देते थे। गिरोह के हाल ही में पकड़े गए सदस्यों ने पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया है।
तीन दिन पूर्व सीआईए-2 के प्रभारी आजाद सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पचास हजारी बहुअकबरपुर निवासी राहुल उर्फ दादा, झज्जर के डीघल गांव निवासी चालीस हजार के इनामी कपिल उर्फ पहलवान, 25 हजार के इनामी मुरादपुर टेकना निवासी अभिषेक उर्फ आशू के अलावा बहुअकबरपुर के सोमबीर, करसौला के अमित, गुरुग्राम के विनीत को गिरफ्तार किया था।
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सीआईए-2 की पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने कई खुलासे किए। पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी सदस्यों को जेल भेज दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में क्रांति गैंग के सदस्यों ने बताया कि कभी कभी राजेश भारती खुद को एमएलए भी बताता था। सीआईए-2 प्रभारी आजाद सिंह ने बताया कि दिल्ली एनकाउंटर के दौरान फरार हुए आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए फिर से क्रांति गैंग के छह सदस्यों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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9 जून को किया था एनकाउंटर
9 जून को दिल्ली की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर राजेश भारती, गिरोह के सदस्य संजीत बिदरो, उमेश समेत चार को एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद सदस्य राहुल और आशू ने गिरोह की कमान संभाल ली थी। राहुल और आशू को रोहतक पुलिस ने तीन दिन पहले गिरफ्तार कर लिया था।
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