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रोहतक में आते ही वीआईपी बन जाते है बाहरी जिलों के बंदी

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रोहतक आते ही वीआईपी बन जाते हैं बाहरी जिलों के बंदी
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- रोहतक में पहुंचते ही पुलिसकर्मी बंदियों को कराते हैं मौज

पूर्व में भी रेलवे स्टेशन पर हरिद्वार के एक बंदी को छोड़कर चले गए थे तीन पुलिसकर्मी
हरिद्वार पुलिस कर रही मामले की जांच, पीजीआई में ही दो अन्य बंदियों को कराई गई थी मौज

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। मानो या न मानो मगर है बिल्कुल सच। रोहतक में आते ही बाहरी जिलों के बंदी वीआईपी बन जाते हैं। शहर में आते ही बंदियों को खूब मौज कराई जाती है। गुरुग्राम पुलिस द्वारा बंदियों के एक्सरे के दौरान लापरवाही बरतने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व में हरिद्वार व फरीदाबाद पुलिस भी बंदियों को लाने के दौरान लापरवाही बरत चुकी है। हरिद्वार पुलिस तो बंदियों की लापरवाही की जांच कर रही है।

शनिवार को गुरुगाम पुलिस तीन बंदियों को लेकर पीजीआई पहुंची। बंदियों के एक्सरे के दौरान तीनों पुलिसकर्मी लापरवाह दिखाई दिए। दो पुलिसकर्मी तो बंदियों को छोड़कर कुछ देर के लिए लापता हो गए। हालांकि बाद में आ गए थे । गुरुग्राम पुलिस द्वारा लापरवाही बरतने का यह कोई पहला मामला नहीं है। दो माह पूर्व ही हरिद्वार पुलिस एक बंदी को लेकर रोहतक कोर्ट पहुंची थी। रोहतक रेलवे स्टेशन पर तीनों पुलिसकर्मी बंदी के हाथ में ही रस्सी थमाकर 15 मिनट के लिए लापता हो गए थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरिद्वार की एसपी ने मामले की जांच बैठा दी थी। हालांकि इस मामले में अभी कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे पूर्व डेढ़ माह पूर्व फरीदाबाद पुलिस ने भी पीजीआई में एक बंदी को मौज कराई थी।
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बाहरी जिलों की पुलिस रोहतक में पहुंचते ही बंदियों के प्रति लापरवाह हो जाती है। पुलिस की लापरवाही के कारण कभी भी बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो सकते है। मगर पुलिसकर्मी सबक लेने को तैयार नहीं है।

पुलिसकर्मी यदि बंदियों को कोर्ट व किसी भी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने के दौरान लापरवाही बरतती है तो यह गंभीर मामला है। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा

परिजनों से भी खूब कराई जाती है बात
पीजीआई में आए दिन देखने में आता है कि विभिन्न जिलों की पुलिस उपचार के लिए बंदियों को लाने के दौरान उनकी परिजनों से भी बात कराती दिखाई देती है। पुलिस को यह लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है।
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