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बार सचिव पुनीत पूनिया पर मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज

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जिला बार के चेंबरों के निर्माण के विवाद का मामला, बार के प्रधान, पूर्व प्रधान व सचिव सहित छह के खिलाफ एफआईआर के 24 घंटे बाद
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बार सचिव पुनीत पूनिया पर मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज

: क्लर्क जोगेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई, पुनीत ने क्लर्क को भी कराया रखा है नामजद
: पूनिया बोले, आरोप बेबुनियाद, चेंबरों के निर्माण में हेराफेरी की जांच से ध्यान भटकाने का प्रयास

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जिला बार में बन रहे नए चेंबरों के निर्माण के विवाद में नया मोड़ गया है। बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो, पूर्व प्रधान दीपक कुंडू व पूर्व सचिव सुमित बुधवार सहित छह लोगों के खिलाफ करोड़ों की हेराफेरी की एफआईआर की जांच अभी शुरू भी नहीं हुई थी कि 24 घंटे के अंदर बार के क्लर्क जोगेंद्र ने बार सचिव पुनीत पूनिया के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी व रिकॉर्ड छीनने का केस दर्ज कराया है। खास बात यह है कि मामले में शिकायतकर्ता क्लर्क जोगेंद्र के खिलाफ एक दिन पहले पुनीत पूनिया ने हेराफेरी का केस दर्ज कराया था।

पुलिस के मुताबिक बार के क्लर्क जोगेंद्र ने आर्य नगर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 167 में बयान दर्ज कराए हैं कि वह पांच साल से बार में नौकरी कर रहा है। बार का रिकार्ड, पासबुक, चैक बुक, रसीद बुक व अन्य रिकार्ड संभालने की उसकी जिम्मेदारी है। 8 जून को करीब दो बजे वह अपनी सीट पर बैठा हुआ था। पुनीत पूनिया आए और कमीज का कॉलर पकड़कर मेरे मुंह पर थप्पड़ मारे। वह चीख कर अपने साथियों को बुलाने लगा तो जबरदस्ती कुर्सी पर बैठा लिया। शोर सुनकर क्लर्क संदीप व सोमबीर आ गए। इसके बाद पुनीत ने अलमारी की चाबी ली और चैक बुक, पास बुक ले ली, जो बार के अलग-अलग अकाउंट की थी। इसके बाद टेबल से रसीद बुक निकाल ली। विरोध करने पर धमकी दी कि किसी से बोलेगा तो नौकरी से निकाल दूंगा। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर चला गया। उसने बार प्रधान को फोन लगाया, लेकिन बात नहीं हो सकी। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 323,341, 342, 506 के तहत मामला दर्ज किया है।
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क्लर्क जोगेंद्र की शिकायत पर बार सचिव पुनीत पूनिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच पड़ताल की जाएगी।
- इंस्पेक्टर सुनीता, थाना प्रभारी आर्य नगर

शिकायत में क्लर्क ने 8 जून की घटना बताई है। सवाल उठता है कि वे तीन दिन क्यों चुप रहा। उसने मेरे द्वारा दी शिकायत पर 10 जून को बार प्रधान, पूर्व प्रधान, पूर्व सचिव व तीनों क्लर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद 11 जून को शिकायत दी गई। इससे साफ है कि षडयंत्र के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- एडवोकेट पुनीत पूनिया, सचिव, जिला बार एसोसिएशन
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