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विधि विभाग के दो छात्र नहीं पूरा गिरोह विवि में फैला रहे नशे का जहर

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नोट : जींद व फरीदाबाद में भेजें।

विधि विभाग के दो छात्र नहीं, पूरा गिरोह विवि में फैला रहा नशे का जहर
- छात्रों से चरस और जाली करेंसी बरामद करने को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने ओमेक्स सिटी में की छापेमारी

- हिमाचल प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने मादक पदार्थ सप्लाई के नकली करेंसी से जोड़े तार, दो अन्य छात्रों की तलाश जारी

विकास सैनी
रोहतक
नशे के लिए नकली नोट छापने के गोरखधंधे में एमडीयू विधि विभाग के दो छात्रों ही नहीं, बल्कि पूरा गिरोह लगा हुआ था। हिमाचल प्रदेश पुलिस को अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश है। शहर के ओमेक्स सिटी में किराए के एक मकान में रहने वाले गिरोह के सदस्य फरार हैं। इनकी तलाश में हिमाचल प्रदेश की एसटीएफ ने यहां छापा भी मारा। इस दौरान कुछ चीजें बरामद हुई। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एसटीएफ दोबारा भी रोहतक आएगी।

जाली करेंसी से खरीदी 2 किलो चरस
विधि विभाग के गिरफ्तार छात्रों ने दो-दो हजार के नोटों की फोटो कापियां तैयार की। इस रकम से कसौल मलाणा इलाके से 14 अप्रैल को दो किलोग्राम चरस खरीदी। एसटीएफ के मुताबिक, पहली बार जाली करेंसी छापने का अपराध करने वाले ये छात्र नशे के आदी हैं। इसकी पूर्ति के लिए चरस व गांजा ले जाते हैं।
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पांच वर्षीय कोर्स के चौथे वर्ष के छात्र हैं सभी
एमडीयू विधि विभाग के गिरफ्तार दो छात्रों समेत गिरोह में 10 से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें से छह विद्यार्थी विधि विभाग के पंचवर्षीय कोर्स के चौथे वर्ष के छात्र हैं। इनके पास पास के ही एक गांव के कुछ लोग भी शामिल हैं। यह लोग ओमेक्स सिटी में किराए के एक मकान में रहते थे।

चाणक्य और अंकित की तलाश में छापेमारी
हिमाचल प्रदेश एसटीएफ को 5.60 लाख रुपये की जाली करेंसी छापने के मामले में विक्रांत व प्रवेश की गिरफ्तारी के बाद उनके दो और नजदीकी साथियों की तलाश है। इनकी दोनों छात्रों की पहचान हो गई है। इनमें से एक जींद का चाणक्य शर्मा व दूसरा फरीदाबाद का अंकित है। ये भी विधि विभाग चौथे वर्ष के छात्र हैं। इनकी तलाश में मंगलवार को कई जगह छापेमारी की गई। फिलहाल इनका सुराग नहीं लगा है।

कैंपस में छाया रहा गिरफ्तार छात्रों का मुद्दा
एमडीयू कैंपस में मंगलवार को विधि विभाग के गिरफ्तार छात्रों का मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा। विभाग, कैंटीन व हास्टल हर जगह छात्रों में अपने साथियों के अपराधी बनने पर बहस छिड़ी रही। कैंपस में फैल रहे नशे के जहर पर विद्यार्थियों ने तल्खी दिखाते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने पर जोर दिया। नशे की वजह से ही छात्रों ने जाली करेंसी छापी और अपराधी बने।

युवाओं को बहका रही लग्जरी लाइफ
युवा बेरोजगार होने के साथ गलत दिशा में जा रहा है। नशा व लग्जरी लाइफ इन्हें बहका रही है। इन्हें बगैर एफर्ट सबकुछ चाहिए। इसलिए गलत काम के शार्टकट अपना कर अपराधी बन रहे हैं। यह चिंता का विषय है। इस मुद्दे को लेकर हर किसी को सोचने की जरूरत है।
- प्रो. सोनिया मलिक, मनोवैज्ञानिक, एमडीयू।

दो आरोपी काबू, दो की तलाश
पुलिस ने जाली करेंसी छापने के मामले में एमडीयू के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनके दो साथी चाणक्य व अंकित की तलाश है। इनकी गिरफ्तारी से और खुलासे की संभावना है। ये चरस खरीद कर ले जाते रहे हैं। नशे के लिए पहली बार जाली करेंसी छापी। इस मामले की जांच की जा रही है।
- हितेष लखनपाल, डीएसपी, मंडी, हिमाचल प्रदेश।

जोश में होश खो रहे युवा
युवा जोश में होश खो रहे हैं। अपराधी या बदमाश आसानी से इनका माइंड वाश कर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। एमडीयू विधि विभाग के छात्रों की गिरफ्तारी मामला चिंता का विषय है। विवि में नशे की रोकथाम को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
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- जशनदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक।

छात्रों की कराएंगे काउंसिलिंग
विवि के छात्रों का नाम किसी आपराधिक मामले में आना चिंता का विषय है। इसे गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। विवि को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस ओर और मेहनत करने की जरूरत है।
- प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, कुलपति, एमडीयू।
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