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व्हाट्सएप से भैंस चोरी का खेल- संशोधित

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। हरियाणा से भैंस चोरी करने के बाद उसे दूसरे राज्य में बेचने के लिए अंतरराज्यीय चोर गिरोह अब सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप ग्रुप ‘दोस्ती’ के जरिये अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। भैंस चोरी के बाद उसे ठिकाने पर पहुंचाने और बेचने तक की जानकारियां ग्रुप में साझा की जाती हैं। ग्रुप बनाने वाला गिरोह का सरगना हरियाणा, दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों के गुर्गों से जुड़ा था। यह खुलासा गिरोह के सरगना यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी रईस उर्फ पटवारी ने पुलिस की पूछताछ में किया है। सीआईए-3 ने गिरोह के फरार चल रहे नौ सदस्यों को भी जल्द पकड़ने का दावा किया है।
सीआईए-3 प्रभारी ललित कुमार यादव ने भैंस चोर गिरोह के सरगना रईस उर्फ पटवारी को मुजफ्फरनगर से वीरवार को गिरफ्तार किया था। सीआईए-3 अब तक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह के सरगना पर करनाल, लाखन माजरा और सांपला थाने में 17 केस दर्ज हैं। सरगना ने पूछताछ में बताया कि उसने व्हाट्सएप पर ‘दोस्ती’ के नाम से ग्रुप बनाया हुआ है। गिरोह में पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली के 15 लोगों को जोड़ा गया है। चोरी के बाद गिरोह का सरगना ही तय करता था कि भैंस को दिल्ली भेजना है या फिर यूपी। गिरोह के फरार नौ सदस्यों की तलाश में सीआईए-3 ने यूपी के मुजफ्फरनगर और दिल्ली में दबिश दी, मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी। पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
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भैंस चोर गिरोह में जोड़

दस दिन पूर्व पांच आरोपियों को किया था गिरफ्तार
दस दिन पूर्व ही सीआईए-3 ने गिरोह के मुजफ्फरनगर निवासी सदस्य फैजान, वसीम, रोहतक निवासी सुनील, सोनू समेत पांच को गिरफ्तार किया था। जबकि गिरोह का सरगना पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा था। पांचों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की गई थी।
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