कोर्ट में सरेंडर कर भेड़-बकरी डकैती का आरोपी पार्षद पति बोला मेरे पास सिर्फ लाठी-डंडे
पीड़ित गडरिये ने कहा - मुझे हर हाल में चाहिए अपनीं 3 भेड़ें और दो बकरियां
- डकै ती के एक मामले में कलानौर वार्ड नंबर एक की पार्षद अनिता रानी के पति रणबीर उर्फ बानी ने 11 महीने बाद कोर्ट में किया सरेंडर, पुलिस ने लिया एक दिन की रिमांड
शनि शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कलानौर में राजस्थान के गड़रिये से तीन भेड़ और दो बकरी लूटने वाले पार्षद पति ने गुपचुप तरीके से शनिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरोपी कलानौर वार्ड नंबर-एक की पार्षद अनीता रानी का पति रणबीर उर्फ बानी है। पुलिस ने रिमांड पर लेकर जब आरोपी पार्षद के पति से पूछताछ की तो उसने वारदात में प्रयोग लाठी डंडे तो बरामद करा दिए, लेकिन भेड़ और बकरी का कोई पता नहीं चला। दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने कहा उसे हर कीमत पर भेड़ बकरी चाहिए। चाहे पुलिस दे या आरोपियों से बरामदगी हो। पुलिस ने आरोपी बानी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया, यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अप्रैल 2017 में राजस्थान के जालौर जिले स्थित गांव बाला निवासी घेवाराम ने कलानौर थाने में शिकायत दी थी। पुलिस को दी शिकायत में घेवाराम ने बताया था कि वह भेड़-बकरी पालकर परिवार का गुजारा करता है। वह 22 अप्रैल 2017 को भेड़ बकरियों को कलानौर रेलवे लाइन पार भट्ठे के पास चरा रहा था। तभी तीन बाइक पर सवार होकर छह लोग आए। आरोपियों ने आते ही उस पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। उसको पीट-पीट कर बेसुध करने के बाद आरोपी उसकी 3 भेड़ और 2 बकरी उठाकर ले गये थे। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ डकैती का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी।
बाइक के नंबर से हुआ वारदात का खुलासा
शिकायत में घेवाराम ने पुलिस को एक बाइक का नंबर मुहैया करवा दिया था। जब पुलिस ने जांच पड़ताल की तो बाइक के नंबर के माध्यम से एक आरोपी तक पुलिस पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में कलनौर वार्ड नंबर एक निवासी मनजीत और सचिन को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियोें ने ही पूछताछ में पार्षद पति रणबीर उर्फ बानी का नाम बताया था। आरोपी ने पुलिस रिमांड से बचने के लिए शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर किया। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया। फिर उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की।
साहब मेरे पास सिर्फ लाठी डंडे, भेड़ बकरी का पता नहीं
रिमांड अवधि में जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह सिर्फ वारदात में प्रयोग लाठी डंडे बरामद करा सकता है। इसके अलावा उसने भेड़ बकरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। और न ही यह बताया कि उन्होंने भेड़ बकरियों के साथ क्या किया। अब पुलिस को मामले में नामजद चौथे आरोपी जौरा की तलाश है। पुलिस का मानना है कि वह पशुओं के बारे में सही जानकारी देगा। उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस छानती रही खाक, अचानक कोर्ट में किया सरेंडर
पुलिस जांच के दौरान वारदात में नाम आने के बाद से आरोपी घर से लापता था। पुलिस पिछले 11 महीने से उसकी तलाश में इधर उधर खाक छान रही थी, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। जब भी पुलिस ने परिजनों से उसके बारे में पूछताछ की कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार दोपहर को अचानक आरोपी ने अपने वकील के साथ पहुंचकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
घेवाराम बोला- मेरी रोजी रोटी पर डाला डाका
वहीं, मामले में जब शिकायतकर्ता घेवाराम से बात की गई तो उसने कहा कि उसे भेड़ बकरी चाहिए। आरोपियों ने मुझ पर हमला करके मेरी रोजी रोटी पर डाका डाला था। हालांकि अभी तक पुलिस लूटे गये पशुओं की बरामदगी नहीं कर सकी है।
वर्जन
आरोपी पार्षद पति रणबीर उर्फ बानी की पुलिस को काफी समय से तलाश थी। उसने शुक्रवार को गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर किया। आरोपी को एक दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। उससे पशु बरामद नहीं किये जा सके।
-राजेंद्र सिंह, एसआई, थाना प्रभारी कलानौर