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तनख्वाह से खरीदा एटीएम काटने का सामान-Cordination

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। पांच लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए मारुति गिरोह बनाकर रोहतक के मायना निवानी सरगना विकास ने एटीएम लूट की साजिश रची थी। गिरोह के गुर्गों ने तनख्वाह से एटीएम काटने का सामान खरीद कर रोहतक और सांजरवास में एटीएम काटने की तीन बार कोशिश की, लेकिन हर बार वारदात को अंजाम देने में असफल रहा। सीआईए की टीम ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को एक नाबालिग आरोपी को भी दबोचने के बाद सांजरवास सेंट्रल बैंक और रोहतक के दो एटीएम को गैस कटर से काटने का असफल प्रयास करने वाले गिरोह का खुलासा कर दिया है।
सीआईए प्रभारी कर्मवीर ने बताया कि मारुति गिरोह का सरगना रोहतक के मायना निवासी विकास उर्फ विक्की था। वह रोहतक की एक कंपनी में बतौर श्रमिक काम करता था और वहां काम करने वाले घिलोड़ निवासी सोमबीर और फतेहाबाद के जगजीवनपुरा निवासी साहिल से उसकी मुलाकात हो गई। सीआईए प्रभारी ने बताया कि विकास पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज था और इसे चुकाने के लिए उसने एटीएम लूट की साजिश रची और अन्य को भी वारदात में शामिल होने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद उन्होंने मोटी रकम पाने के चक्कर में एक माह के अंदर तीन अलग-अलग एटीएम को निशाना बनाने का प्रयास किया।
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सीआईए टीम ने शुक्रवार को इस मामले में आरोपी चौथे आरोपी को भी जींद जिले से गिरफ्तार कर उसे बाल सुधार गृह भेज दिया, जबकि तीनों आरोपियों की दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपियों ने रोहतक शहर में भी दो एटीएम में वारदात का प्रयास करने की बात कबूली है। आरोपियों ने बताया कि सांजरवास एटीएम में भी लूट की कोशिश की थी।

एटीएम काटने के लिए खरीदे गैस सिलिंडर, गैस कटर और दस्ताने
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनकी आर्थिक हालत कमजोर थी और रातोंरात मोटी रकम पाने के चक्कर में उन्होंने एटीएम को निशाना बनाने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने अपनी तनख्वाह के रुपयों से एटीएम काटने के लिए गैस सिलिंडर, गैस कटर, दस्ताने, पेंट के डिब्बे व अन्य सामान खरीदा था। सांजरवास एटीएम लूट के प्रयास में जींद जिले का एक किशोर भी उनके साथ था। खुलासे के बाद दादरी सीआईए की टीम ने नाबालिग आरोपी के गांव में दबिश देकर उसे काबू कर लिया। जांच में सामने आया कि सांजरवास एटीएम लूट के लिए चौथा आरोपी बाइक पर बाहर रेकी कर रहा था।

8.77 लाख रुपये चोरी होने से बचा
गत 20 जनवरी को चोर गिरोह ने सांजरवास गांव स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम के कैश बॉक्स को गैस कटर से काटने का प्रयास किया था। आरोपी वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाए थे और इसके चलते 8.77 लाख का कैश चोरी होने से बच गया था। मंगलवार शाम सीआईए टीम ने बौंदकलां नहर के पास नाकेबंदी कर मारुति कार में सवार तीन बदमाशों को काबू किया था। इनके पास से एटीएम काटने का सामान भी बरामद हुआ था।
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गैस खत्म होने के चलते नहीं कट पाया सांजरवास एटीएम
सीआईए प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सांजरवास एटीएम काटने में वे कामयाब हो जाते, लेकिन बीच में ही सिलिंडर की गैस खत्म हो गई। वो करीब पौन घंटे तक एटीएम केबिन में रहे और इस दौरान बाहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बाइक से रेकी भी की गई।

रोहतक में एटीएम का ताला नहीं तोड़ पाए
सीआईए प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने सबसे पहली वारदात में रोहतक के सुनारिया चौक स्थित सिंडिकेट बैंक के एटीएम को निशाना बनाने का प्रयास किया था। उन्होंने एटीएम शटर पर लगा ताला तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। उस दौरान किसी के आने के डर से वहां से चले गए।

हिसार बाईपास एटीएम में घुसे तो पहुंच गई पीसीआर
कुछ दिनों के बाद ही रोहतक के हिसार बाईपास स्थित एक एटीएम को निशाना बनाया। वो एटीएम में घुसे ही थे कि इसी दौरान गश्त करते हुए पीसीआर पहुंच गई। सभी डर गए और वहां से अपनी गाड़ी में सामान डालकर निकल लिए।

मारुति में वारदात को अंजाम देने के कारण पड़ा मारुति गिरोह नाम
गिरोह को सीआईए टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बौंदकलां नहर के समीप नाकाबंदी कर पकड़ा था। सीआईए प्रभारी कर्मवीर ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपी वारदात को मारुति कार में अंजाम देने आ रहे थे। इससे पहले बौंदकलां क्षेत्र के गांव सांजरवास गांव स्थित एटीएम में भी आरोपी इसी कार में सवार होकर आए थे। गिरोह के पास जो मारुति कार है वह फतेहाबाद निवासी साहिल की है। इसी कारण इनको मारुति गिरोह नाम दिया गया है।
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आरोपियों ने सांजरवास के अलावा रोहतक के दो एटीएम को निशाना बनाने का प्रयास किया था, लेकिन तीनों वारदात में वे असफल रहे। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं, नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस ने जो मारुति कार बरामद की है, वो आरोपी साहिल की है।
कर्मवीर सिंह, सीआईए प्रभारी
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