रोहतक। कुदरती खेती अभियान की ओर से 25 फरवरी से जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 10 जिलों के 15 खेतों पर होगा। इसके तहत किसानों को बगैर रसायनों व बाहरी उत्पाद के प्रचलित खेती के मुकाबले पैदावार लेने की जानकारी दी जाएगी। कुदरती खेती अभियान हरियाणा के सलाहकार एवं एमडीयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र चौधरी ने कहा कि कुदरती खेती में अच्छी पैदावार के लिए विज्ञान को समझ कर खेती के तरीकों में बदलाव जरूरी है। जैविक खेती में पैदावार घटने का भय खत्म करना होगा। किसान महीने के पहले रविवार को होने वाले प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर भी अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं।