जानकारी न देने पर सीडब्ल्यूसी चेयरमैन ने लगाई फटकार
रोहतक। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने पीजीआईएमएस के एमएस कार्यालय में तैनात स्टाफ को दुष्कर्म पीड़िता की समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने पर एक बार फिर फटकार लगाई है। अधिकारी का कहना है कि संस्थान जब किसी पीड़ित बच्ची को दाखिल करता है तो वह कमेटी को जानकारी उपलब्ध कराना अपनी जिम्मेदारी नहीं समझता। इस संबंध में वह एमएस कार्यालय को नोटिस भेजेंगे। अधिकारी ने बताया कि नाबालिग से जुड़ा कोई भी मामला संज्ञान में आने के 24 घंटे के अंदर संबंधित अधिकारी को बाल संरक्षण समिति के चेयरमैन को सूचना भेजनी अनिवार्य होती है। ऐसा न करना सेक्शन 32 का उल्लंघन है। इसे कानूनी भाषा में नान रिर्पोटिंग ऑफेंस कहते हैं। इसके उल्लंघन पर छह माह की सजा, दस हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।