वकीलों के चैंबर के नाम पर लाखों के गोलमाल का अंदेशा, बार से रिकॉर्ड गायब, दो दिन का अल्टीमेटम
- बार एसोसिएशन की बैठक में उठा एसोसिएशन के लेखे जोखे का सवाल, संदेह के घेरे में आए पूर्व प्रधान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर निर्माण का चुनावी मुद्दा अब विवादों में आ गया है। चैंबर निर्माण के मुद्दे पर जिला बार एसोसिएशन के चुनाव लड़ने व प्रधान बने दो पूर्व प्रधान सवालों में घिरे नजर आ रहे हैं। शनिवार को बार रूम में हुई एसोसिएशन की बैठक में चैंबर निर्माण के नाम पर करीब 73 लाख रुपये के गोलमाल का मुद्दा उठा। वकीलों ने प्रधान पर बार के खातों से लाखों रुपये बगैर किसी काम के निकलवा कर दूसरे खातों में जमा कराने का आरोप लगाया है। बार के खाते से 15 लाख रुपये की आरटीजीएस कराई गई व 58 लाख रुपये के सेल्फ चेक क्लीयर कराए गए।
गायब रिकॉर्ड वापस लाने को सोमवार तक का अल्टीमेटम
एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान से पुराना लेखा जोखा मांगा। इस दौरान दोनों एक दूसरे पर मामला डालते नजर आए। लेखे-जोखे का हिसाब नहीं मिलने से नाराज वकीलों ने बार का रिकॉर्ड दिखाने पर जोर दिया। यह रिकॉर्ड नहीं दिखाए जाने पर वकीलों ने इसके गायब होने का अंदेशा जाहिर किया। अब पूर्व व मौजूदा प्रधान को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। सोमवार को रिकॉर्ड वापस नहीं लाया गया तो हाउस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा।
5 सदस्यीय कमेटी करेगी गोलमाल की जांच
बार एसोसिएशन के रिकॉर्ड व गोलमाल की जांच के लिए हाउस ने एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बलवान सिंह हुड्डा की देखरेख में काम करेगी। इस पांच सदस्यीय कमेटी में उनके अलावा तीन बार सदस्य व बाहर से एक सीए या ऑडिटर शामिल रहेगा। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट हाउस को सौंपेगी। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी।
बार के 4 खाते खुलवाना मामले को बना रहा संदिग्ध
चैंबर निर्माण को लेकर बार के चार अलग अलग खाते खुलवाए गए हैं। इनमें से दो ओबीसी व दो आंध्रा बैंक में है। आंध्रा बैंक का एक खाता इस्माइला में खुलवाया गया है। ये अलग अलग खाते खुलवाना मामले को संदिग्ध बना रहा है। वकीलों का कहना है कि एक की खाते से काम चल सकता था। शुरू में चैंबर निर्माण के लिए वकीलों से 20-20 हजार रुपये लिए गए थे। उस समय न तो चैंबरों की नींव रखी गई थी और न ही टेंडर हुआ था। इसके बावजूद खाते से 15 लाख रुपये निकाल लिए गए। यह राशि आरटीजीएस के जरिए दूसरे खाते में जमा कराई गई। इस अब तक वापस जमा नहीं कराया गया है। राशि कहां खर्च हुई यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है। सोनीपत रोड स्थित ओबीसी बैंक से सात अगस्त 2014 को 11 लाख रुपये व दो दिसंबर 2014 को चार लाख रुपये आरटीजीएस कराई गई।
इस्माइला के आंध्रा बैंक में 24 अगस्त 2017 को खाता खुलवाया गया। यहां से 21 दिसंबर 2017 को दस लाख रुपये व 28 दिसंबर 2017 को 18 लाख रुपये के सेल्फ चेक लगाए गए। इसके अलावा इसी बैंक के 40-40 लाख रुपये के दो ब्लैंक चैक भी सामने आए हैं। इन हस्ताक्षरयुक्त चेक को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा हुडा कॉम्प्लेक्स स्थित आंध्रा बैंक से 27 जुलाई 2017 को पांच लाख रुपये व इसी दिन 25 लाख रुपये का सेल्फ चेक क्लीयर हुए।
मीटिंग छोड़ कर चले गए बार प्रधान
बार रूम में चल रही एसोसिएशन की बैठक में 23 अप्रैल तक का पूर्व प्रधान समेत कार्यकारिणी का सारा रिकॉर्ड जांचने व एसोसिएशन को सौंपने का मुद्दा उठा। ऐसा नहीं करने पर वकीलों ने आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने पर सहमति जताई। इसके चलते प्रधान लोकेंद्र सिंह फौगाट उर्फ जोजो मीटिँग बीच में ही छोड़ कर चले गए। इसके बाद सर्वसम्मति से वरिष्ठ अधिवक्ता बलवान सिंह हुड्डा को मामले की जांच सौंपते हुए अन्य अधिकार दिए गए। बैठक के दौरान एक वरिष्ठ अधिवक्ता के अमर्यादित आचरण पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बार सचिव पुनीत पूनिया को अधिकृत किया गया।
वर्जन :
बार की बैठक में अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई। लेखा जोखा प्रस्तुत करने को लेकर पांच मई को बैठक होनी है। रिकॉर्ड दुरुस्त है। इसके अलावा किसी भी जानकारी के लिए बार प्रधान से बात करें। वहीं कुछ कहने के लिए अधिकृत हैं।
दीपक कुंडू, पूर्व प्रधान, जिला बार एसोसिएशन।
वर्जन :
बार की नौ अप्रैल को हुई बैठक में हर महीने के पहले शनिवार को बैठक होना तय हुआ है। इसी कड़ी में पांच मई को बैठक होगी। यहीं लेखा जोखा रखा जाएगा। बार में 270 चैंबर बनने हैं। प्रत्येक चैंबर में दो अधिवक्ता रहेंगे। इस हिसाब से 540 अधिवक्ताओं से साढ़े तीन लाख रुपये के हिसाब से रुपये लिए गए हैं। सारी राशि खाते में हैं। कुछ लोग अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। बार की अगली बैठक में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
लोकेंद्र सिंह फौगाट उर्फ जोजो, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन।