रोहतक। महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू को मानहानि के केस में दोबारा समन भेजे जाएं या नहीं, यह निर्णय शनिवार को भी अदालत नहीं ले सकी। अदालत ने 10 नवंबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत में दाखिल याचिका में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के वकील राकेश सपड़ा ने बताया था कि महम के विधायक बलराज कुंडू ने जनवरी 2019 में पूर्व मंत्री पर बेबुनियाद आरोप लगाए थे। साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की थी कि मामलों की गहराई से जांच कर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ट्रायल कोर्ट ने विधायक को मामले में पक्ष रखने के लिए आर्डर जारी किए थे। निचली अदालत के फैसले को विधायक ने एडीजे कोर्ट में चुनौती दी। एडीजे कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
एडीजे कोर्ट के फैसले को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद केस वापस स्थानीय कोर्ट के पास भेज दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट दोबारा सुनवाई करके फैसला ले। स्थानीय कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। साथ ही दोनों पक्षों के बीच बहस भी हो चुकी है। अब केवल अदालत का फैसला आना बाकी है।