सांपला। मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। मनरेगा स्कीम से नहर की सफाई के दौरान भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। विभाग के लोकपाल एसएस रंगा ने इस संबंध में सांपला बीडीपीओ को पत्र लिखकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
बताया कि नया बास गांव में कुछ गरीब परिवार मनरेगा मजदूरी करते हैं। उनको माइनर की सफाई का काम दिया गया। सफाई का काम करीब 50 लोगों को दिया गया। हकीकत में आधे ही लोग काम कर रहे थे। एक ग्रामीण ने जब इस तरह की हेराफेरी का पता लगा तो उन्हें रोहतक मनरेगा अधिकारी लोकपाल को इसकी शिकायत की। लोकपाल सच्चाई जानने के लिए निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर देखा तो 24 लोग ही काम करते पाए गए। जब रिकॉर्ड की जांच की तो सभी मजदूरों के कामकाज का रिकॉर्ड रखने वाले की जगह पर उनका पुत्र और एक पुत्रवधू की जगह पर उसकी सास काम करती पाई गई। अधिकारी ने सभी का रिकॉर्ड तलब किया और उनकी तस्वीर भी कमरे में कैद की। उन्होंने अब इस संबंध में सांपला बीडीपीओ को पत्र लिखा है। इसमें पूरे रिकॉर्ड की रिपोर्ट मांगी गई है।
जब इस संबंध में लोकपाल एसएस रंगा से बात की तो उन्होंने बताया कि पिछले दिनों कुलताना माइनर की सफाई मनरेगा के तहत कराई जा रही थी। उन्हें एक शिकायत मिली थी। शिकायत पर मौके का निरीक्षण किया तो काफी गड़बड़ियां मिलीं। जिन लोगों का रिकॉर्ड में नाम दर्ज था, उनकी जगह पर कई दूसरे लोग काम करते पाए गए। रिकॉर्ड के मुताबिक मजदूरों की संख्या भी कम पाई गई। इस संबंध में सांपला बीडीपीओ को पत्र लिखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा जाएगा।