माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। दिवाली के त्योहार के बावजूद शहर में जगह-जगह कचरा पड़ा रहता है। नगर निगम के अधिकारी अदालत में केस का हवाला देकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। आम शहरवासियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को मेयर मनमोहन गोयल के साथ निगम पार्षद मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लिखित मांग पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग करेंगे।
शहर की सफाई पर नगर निगम हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है। शहर की गलियों की सफाई का कार्य नगर निगम के 680 कर्मचारी करते थे, इसमें 220 पक्के व 470 डीसी रेट पर लगे हैं। जून में निगम की तरफ से 22 में से 16 वार्ड की गलियों की सफाई का कार्य ठेके पर दे दिया गया। इसके लिए 16 वार्डों को दो भागों में बांटा गया। वार्ड नंबर 1,3, 4, 6,7,8 व 17 में गलियों की सफाई का ठेका 24 करोड़ 26 लाख रुपये में और 12, 13, 14, 15, 16, 18, 19, 20 व 21 का ठेका 24 करोड़ व 75 लाख रुपये में दिया था। अगस्त माह में मुख्यालय की तरफ से निगम आयुक्त को पत्र भेजकर लिखा कि नियमों के तहत टेंडर 21 दिन बाद खोला जाना था, लेकिन निगम ने 12 दिन में ही टेंडर जारी कर दिया। इसके चलते टेंडर रद्द कर दिया था। निगम ने नया टेंडर लगाया, लेकिन पिछली एजेंसी हाईकोर्ट पहुंच गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तिथि मार्च 2024 की तय की हुई है। तब तक निगम नया टेंडर नहीं कर सकता। ऐसे में शहर की सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
हर रोज निकल रहा 230 टन कचरा, 50 प्रतिशत कर्मचारी कम
नगर निगम की साल 2017 में जनसंख्या 5 लाख 12 हजार थी, उस समय कचरा 200 टन निकलता था। अब अनुमानित जनसंख्या 6 लाख तक पहुंच चुकी है। साथ ही कचरा 230 टन के करीब निकल रहा है। कचरे को हर रोज भिवानी रोड स्थित प्लांट में पहुंचाया जाता है। सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए निगम के के पास 679 कर्मचारी हैं। जबकि नियमों के तहत 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। फिलहाल 883 पर औसतन एक कर्मचारी मौजूद है।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। मांग पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की जाएगी। क्योंकि दिवाली पर भी शहर में सफाई की समस्या है, जबकि हाईकोर्ट में अगली सुनवाई मार्च 2024 में होगी।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
हाउस की बैठक बुलाकर समाधान निकाला जाए
नगर निगम की व्यवस्था की खामी का खामियाजा शहर वासी भुगत रहे हैं। समय पर कचरा नहीं उठ रहा है। मेयर से मांग की है कि हाउस की बैठक बुलाकर या निगम अधिकारियों से बात करके कोई न कोई रास्ता निकाला जाए।
अशोक खुराना, पार्षद पति वार्ड नंबर 13
सफाई कर्मियों पर दबाव, कोई रास्ता निकाला जाए
निगम के सफाई कर्मियों पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। निगम प्रशासन कोई समाधान निकाले, ताकि शहर वासियों के साथ-साथ सफाई कर्मियों को भी राहत मिले।
संजय बिड़लान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी संघ