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मांगों का समाधान करें मुख्यमंत्री, हड़ताल तोड़ने की कोशिश विफल : शास्त्री

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रोहतक। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री का कहना है कि एक तरफ मुख्यमंत्री कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने का बयान दे रहे हैं, दूसरी तरफ अभी तक कर्मचारियों के साथ बैठक का समय व दिन तय नहीं किया गया है। न ही संघ को किसी तरह का न्योता मिला है। उल्टा हड़ताल को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। अगर सीएम सफाई कर्मियों की मांगों का समाधान करते हैं तो हड़ताल खत्म कर दी जाएगी। शास्त्री मंगलवार को रोहतक में संघ की आपात बैठक के बाद हड़ताल कर्मियों को संबोधित कर रहे थे।
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नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री मंगलवार को नगर निगम रोहतक, महम व कलानौर नगर पालिकाओं में हड़ताली कर्मियों से मिलने पहुंचे। नगर निगम में धरने पर बैठक कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता, हड़ताल को जबरन तोड़ने के लिए पुलिस बल प्रयोग कर जबरन सफाई करवाने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारियों ने प्रयास को विफल कर दिया। इन सबके बावजूद 57 नगर पालिकाओं, 22 नगर परिषदों व 11 नगर निगमों के सफाई, सीवर, अग्निशमन विभाग व चतुर्थ श्रेणी के लगभग 40 हजार कच्चे व पक्के कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं। इसके कारण कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। शहर व कस्बों में गंदगी के ढेर लग गए हैं। अगर बुधवार दोपहर तक सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो हड़ताल आगे बढ़ा दी जाएगी। शास्त्री ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों के साझा मोर्चा से बात हुई है। अब रोडवेज का कोई भी ड्राइवर अग्निशमन विभाग में ड्यूटी नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अगर कहीं आगजनी होती है तो हड़ताल पर रहते हुए फायरमैन व ड्राइवर आग बुझाने के लिए तैयार रहेंगे।
हड़ताल से पता लग रहा सफाई कर्मियों का महत्व
शास्त्री ने कहा कि सफाई का कार्य इसलिए बंद किया है ताकि सरकार को सफाई कर्मियों के महत्व का पता लग सके। बगैर सफाई कर्मचारियों के समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। बिना सफाई के शहर व कस्बे कूड़े से अटे हुए हैं। बावजूद इसके सरकार सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा लागू कर बंधुआ मजदूर बना दिया है।
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