झज्जर। पिछले दो दिन से जिले में आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन प्री मानसून की बूंदे नहीं बरस रही हैं। सोमवार को कुछ देर के लिए प्री मानसून की बरसात हुई, लेकिन उसके बाद तीन दिन से बादल उमड़ रहे हैं, लेकिन बरसात नहीं हो रही। वीरवार को भी पूरा दिन तेज हवा के साथ बादलवाही छाई रही। वीरवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इलाके से तापमान में गिरावट और आग उगलने वाली गर्मी और लूं का तकरीबन सफाया हो गया है। पिछले एक सप्ताह से लगातार हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में अनेकों स्थानों पर प्री मानसून गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
वातावरण में प्रचुर मात्रा में नमी में बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में लगातार तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। धीरे-धीरे इलाके में मानसून गतिविधियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है। आने वाले दिनों में हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मानसून के आगमन से पहले हमेशा प्री-मानसून वर्षा होती है और यह गतिविधि कुछ दिनों तक चलती है।
हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पिछले करीब 5 दिनों से हवा का रुख बदल रहा है। कई स्थानों पर तेज गति से हवा चलने और हल्की बारिश और बौछारें पड़ी हैं। ये मानसून के आगमन के संकेत हैं। हरियाणा एनसीआर दिल्ली/एनसीआर के आसपास चक्रवाती परिसंचरण कम से कम 48 घंटों तक बना रहेगा। पूर्वी-पश्चिमी गर्तों और इस चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव में, हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 29 और 30 जून के सप्ताहांत में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
इस दौरान निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और सड़कें और गलियां जलमग्न हो सकती हैं। इस दौरान तेज हवाएं, बिजली चमकना और तेज गड़गड़ाहट के साथ पहले राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन होगा, जो संभवतः 28 जून की रात या 29 जून को होगा। धीरे-धीरे इलाके में मानसून लय देखने को मिलेगी। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की बारिश जारी रहेगी। हालांकि इसकी तीव्रता कम होगी। यह लगभग एक सप्ताह तक जारी रह सकता है, जिससे हरियाणा एनसीआर दिल्ली के आमजन को गर्मी से बहुत राहत मिलेगी।