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तीन करोड़ एमएसएमई का बंद होना चिंता का विषय : गर्ग

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रोहतक।
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पिछले सात साल में देश में लगभग 6.25 करोड़ एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) में से लगभग तीन करोड़ एमएसएमई का बंद होना चिंता का विषय है। यह बात अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव और हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कही। वह वीरवार को यहां व्यापारियों और उद्योगपतियों से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि एमएसएमई लगभग 11 करोड़ नौकरियां प्रदान करते हैं। यह भारत में कुल रोजगार का 22-23 प्रतिशत है। यह कृषि के बाद देश में सबसे अधिक आजीविका देने का साधन है। यह निश्चित ही भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करेगा। इसलिए सरकार अपनी निर्धारित नीतियों को ग्रामीण लेवल तक पहुंचने का काम करें। नई लाभप्रद और सरल नीतियों का निर्माण करे। इसके विपरीत सरकार का इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। एमएसएमई के बंद होने का मुख्य कारण जीएसटी की दर सबसे ज्यादा होना, जीएसटी में कई स्लैब होना, सरकार का सरकारी नीतियों में बार-बार बदलाव करना और कच्चे माल का महंगा होना है। एमएसएमई बंद होने का दुष्प्रभाव बेरोजगारी बढ़ना है। इस कारण देश के युवा नशे व अपराध की दलदल में धंसते जा रहा है। सरकार मुद्रा लोन, स्टार्टअप लोन, सब्सिडी लाती है, मगर जमीनी स्तर पर ये योजनाएं विफल हो जाती हैं। यह योजनाएं बड़े उद्यमियों को लाभ पहुंचाती हैं, छोटे व मध्यम उद्यमियों को इनसे कोई लाभ नहीं होता है।
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