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Rohtak News: काम पर लौटे लिपिक, दौड़ीं फाइलें

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रोहतक। 42 दिन की हड़ताल के बाद लिपिक वीरवार को काम पर लौट आए हैं। सभी लिपिक जुलाई से बेसिक-पे में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। इस बीच पांच बार सरकार के साथ उनकी बातचीत भी हुई। मंगलवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ लिपिक एसोसिएशन तथा भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के पदाधिकारियों की बातचीत में सशर्त हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इससे अब विभागों के अन्य स्टाफ को भी राहत मिलेगी।
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एसडीएम कार्यालय में 42 दिन से अटके पड़े ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी समेत अन्य कागजातों की कार्रवाई के लिए काफी संख्या में आमजन पहुंचे, जिनमें से कुछ ऐसे पहुंचे जिन्होंने पहले से ही लाइसेंस के लिए अप्लाई किया हुआ था, लेकिन हड़ताल की वजह से कार्य रुका हुआ था। यही हाल तहसील का भी था। उसमें भी रजिस्ट्री से संबंधित कागजी कार्रवाई में लिपिक जुटे रहे। हालांकि मुख्यालय से अभी तक भी लिपिकों का नया आईडी व पासवर्ड नहीं दिया गया है। पहले की तरह ही तहसीलदार ही रजिस्ट्री कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही मुख्यालय से आईडी व पासवर्ड आने की संभावना है, जिससे कार्य सुचारू रूप से हो सके। ट्रेजरी कार्यालय में पेंशन से संबंधित मामले भी अटके हुए थे, जिसमें अब तेजी से कार्य शुरू होगा। हालांकि पेंशन से संबंधित लोग कुछ ज्यादा मात्रा में नहीं पहुंचे। क्योंकि अन्य स्टाफ की ओर से काम किया जा रहा था।

सहमति का भी किया विरोध

सरकार व स्टेट बॉडी की बैठक में कमेटी गठित करके फैसला लेने की बात पर सहमति बनाई। सरकार ने आश्वासन दिया कि पांच सदस्यों की कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी तीन माह में काम के आधार पर लिपिकों की बेसिक पे को लेकर रिपोर्ट देगी, जिसके बाद सरकार फैसला लेगी। इसके बाद ही स्टेट बॉडी ने धरना खत्म करने की बात कही थी, लेकिन जिला स्तर पर इस निर्णय का विरोध किया गया। लिपिक दोफाड़ भी हुए, जिनमें से एक ने धरने पर ही डटने का आह्वान किया, लेकिन कुछ देर बाद दोनों ने ही हड़ताल स्थगित कर काम पर लौटने का निर्णय लिया।
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