झज्जर। शहर में 38 हजार प्रॉपर्टी हैं लेकिन अभी 34 हजार प्रॉपर्टी स्वत: सत्यापित होना बाकी है। ऐसे में अब नगर परिषद के कर्मचारी घर-घर, दुकान-दुकान जाकर सत्यापन का काम कर रहे हैं। एक सप्ताह से चल रहे अभियान के तहत अब तक लगभग 800 से अधिक प्रॉपर्टी सत्यापित कर दी गई है जबकि अब तक कुल 4200 प्रॉपर्टी सत्यापित हो पाई है। प्रॉपर्टी आईडी स्वत: सत्यापित होने के बाद लॉक हो जाएगी। उसके बाद कोई भी छेड़छाड़ या बदल नहीं सकेगा। सत्यापन का काम पूरा होने के बाद मोबाइल के जरिये भी आनलाइन टैक्स भरा जा सकेगा। छूट के दौरान उसका लाभ भी पात्रों को मिल सकेगा।
प्रॉपर्टी आईडी का स्वत: सत्यापन होने के बाद ही लोगों को छूट का लाभ मिल पाता है। अब भी 34 हजार लोग ऐसे हैं, जिनकी प्रॉपर्टी आईडी सत्यापित नहीं हो सकी है। अब कर्मचारी घर-घर, दुकान दर दुकान जाकर प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन करने का काम कर रहे हैं। कई प्रॉपर्टी आईडी ऐसी हैं, जिनमें किसी न किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी हैं। उन गड़बड़ियों को ठीक करवाने या फिर आब्जेक्शन हटवाने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ते हैं। मानकों के अनुसार अगर यह आई सत्यापित हो जाती है तो फिर उसके बाद प्रोपर्टी आईडी मालिक बिजली बिल की तरह ही मोबाइल से आनलाइन घर बैठकर ही टैक्स का भुगतान कर सकेगा।
दो बार हो चुका सर्वे, फिर भी आ रही दिक्कत
शहर की प्रॉपर्टी आईडी को लेकर नगर परिषद द्वारा दो बार सर्वे कराया जा चुका है। पहला सर्वे याशी कंसल्टेंसी द्वारा सर्वे किया गया था जबकि दूसरी बार सर्वे का काम पिछले साल नगर परिषद ने स्थानीय स्तर पर टेंडर जारी कर करवाया था। उसके बाद नगर परिषद ने शहर वासियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन उनमें भी काफी खामियां पाई गई। अब भी उसे लोग ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
वर्जन
प्रॉपर्टी आईडी के सत्यापन का काम किया जा रहा है। अब तक 4200 से अधिक का सत्यापन किया गया है। लोगों को चाहिए कि वह आने वाले कर्मचारियों का सहयोग करे और प्रॉपर्टी आईडी का स्वत: सत्यापन कराए। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद वह लॉक हो जाएगी और किसी प्रकार का बदलाव या छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। मोबाइल से भी लोग टैक्स जमा करवा सकेंगे।
विवेक जैन, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर परिषद, झज्जर