रोहतक। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महान स्वतंत्रता सेनानी और संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे चौ. रणबीर सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने पिता के समाधिस्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र ने कहा कि उनके दादा चौ. रणबीर सिंह ने 23 नवंबर, 1948 को सबसे पहले एमएसपी का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद एमएसपी प्रणाली लागू हुई और उसमें कई फसलें जोड़ी गईं। देश के किसान जिस एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं, उसकी सबसे पहले वकालत संविधान सभा में चौ. रणबीर सिंह ने की।
पूर्व सीएम ने कहा कि पिताजी का सारा जीवन देश व समाज की सेवा में गुजरा। हर मंच से आम गरीब, किसान, मजदूर की आवाज उठाई। चौ. रणबीर सिंह ने पहले आजादी की लड़ाई में किसानों, आम लोगों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने अपने दादा की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान आयोजित प्रार्थना सभा व हवन में काफी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र ने कहा कि गांधीवादी विचारक दादाजी ने हमें सच्चाई के रास्ते पर अडिग रहने और जुल्म के आगे न झुकने की सीख दी। जिन आदर्शों और मूल्यों के लिए हमारे पूर्वजों ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, त्याग और बलिदान दिया, उन पर ही देश के संविधान का निर्माण हुआ। हम हर हाल में उसकी रक्षा करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने संविधान सभा में हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा, गोरक्षा, पिछडपा वर्ग को आरक्षण जैसे अहम प्रस्ताव रखे। अंग्रेज हुकूमत के अत्याचारों के आगे न झुकने वाले चौ. रणबीर सिंह ने आठ विभिन्न जेलों में कैद में काटी।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कारौर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यहां रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया।