29सीटीके29- डेंटल कॉलेज में ऑर्थो पाठशाला में व्याख्यान देने पहुंचे डॉ. ध्रुव चौधरी व अन्य चिकि
रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के ऑडिटोरियम में वीरवार को ऑर्थोडोंटिक्स और डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओर से सीडीई कार्यक्रम (ऑर्थो पाठशाला) का आयोजन कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. ध्रुव चौधरी रहे। इसमें 270 स्नातक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है।
डॉ. ध्रुव चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि सीडीई कार्यक्रम ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के रोगी के इलाज में मदद करेगा। डेंटल कॉलेज के विद्यार्थियों की ओर से रिसर्च के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य किया जा रहा है। उनके चिकित्सकों को गत दिवस आधा दर्जन अवार्ड भी मिले थे। उन्होंने कहा कि डेंटल कॉलेज में बहुत अच्छी ट्रेनिंग प्रदान की जाती है और सभी विद्यार्थियों को इस ट्रेनिंग का लाभ लेना चाहिए।
प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने अपने विचारों, अनुभव से सभी को अवगत कराया और छात्रों को बताया कि सीडीई कार्यक्रम बीडीएस, स्नातकोत्तर छात्रों के सीखने में मदद करेगा।
सुधा रस्तोगी डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. श्रीधर कन्नन ने बताया कि बढ़ते बच्चों में अलग-अलग उम्र में विभिन्न मैलोक्ल्यूजन का निदान कैसे किया जाए और कैसे ठीक किया जाए। इस पर उन्होंने समस्या आधारित नैदानिक परिदृश्यों पर अनुभव साझा किया। ऑर्थोडोंटिक्स की विभागाध्यक्ष डाॅ. रेखा शर्मा ने छात्रों को बताया कि प्रारंभिक निदान समाज में विकसित हो रहे मैलोक्लूजन के इलाज में मदद करेगा। डाॅ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और रंगोली प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके लिए सक्षम टीम को पुरस्कार वितरित किए गए। डाॅ. देवेंद्र ने बताया कि वक्ताओं की ओर से अनियमित दांतों के उपचार पर साझा किए गए ज्ञान की बहुत सराहना की, जो अच्छे चेहरे की सुंदरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और यह आत्मविश्वास देता है। जो वे अक्सर अनियमित दांतों और चेहरे की बनावट के कारण पीड़ित होते हैं।
डाॅ. मनीषा कमल ने बताया कि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से प्रोफेसर डॉ. पंचाली बतरा ने दैनिक अभ्यास में हटाने योग्य उपकरण और रोगी को मनोवैज्ञानिक लाभ देने के लिए कम उम्र में ऑर्थोपेडिक्स उपकरण का उपयोग करके विकास संशोधन पर अनुभव साझा किया। इस सीडीई कार्यक्रम में डॉ. मंजूनाथ बीसी, डॉ. मनीषा कमल कुकरेजा, डॉ. सोनल चैधरी, डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. विन्नी सीनियर व अन्य विभागों के प्रोफेसर के अलावा डॉ. सिद्धांत, डॉ. चिराग और डाॅ. विभोर मौजूद रहे।