रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान साल 2016 में भड़के दंगों के दौरान भाजपा के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी फूंक दी गई थी। इसका केस सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने छह माह में निपटारा करने के आदेश अदालत को दिए हैं। ऐसे में अदालत अब हर सप्ताह केस की सुनवाई करेगी। 15 व 16 फरवरी को पंचकूला स्थित विशेष कोर्ट में सीबीआई ने चार गवाह पेश किए।
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि सीबीआई ने रोहित शिकायत पर 118 नंबर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि फरवरी 2016 में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की तरफ से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आए और जबरन घर में घुस गए। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी। घर में आग लगाकर सारा सामान लूट लिया। साथ ही घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं, जिसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं।
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हाईकोर्ट ने छह माह में केस का निपटारा करने की हिदायत दी थी। ऐसे में सीबीआई कोर्ट हर सप्ताह सुनवाई कर रही है। अब तक सीबीआई की तरफ से 12 लोगों की गवाही हो चुकी है। 15 व 16 फरवरी को चार लोगों के बयान दर्ज हुए। अभी 141 लोगों की गवाही होनी बाकी है।
- एडवोकेट जितेंद्र हुड्डा, वकील बचाव पक्ष