रोहतक। रेलवे रोड स्थित प्लॉट की खरीद-फरोख्त मामले में रोहतक बार के वकील पर हुए केस को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने भिवानी ट्रांसफर कर एसआईटी गठित कर दी है। अब भिवानी के डीएसपी एसआईटी के नोडल अफसर हैं, वहीं इस प्रकरण की जांच करेंगे। मंगलवार को भी वकीलों का धरना जारी रहा। इधर, बुधवार को वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल चीफ जस्टिस पंजाब एवं हरियाणा के समक्ष अपना पक्ष रखेगा। और आगे के लिए चीफ जस्टिस से मिलकर निर्णय लिया जाएगा।
रोहतक बार एसोसिएशन के प्रधान अरविंद श्योराण ने बताया कि तीन सप्ताह पहले वकील साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से बार का धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा के चीफ जस्टिस से मिलकर पूरी घटना की जानकारी देगा। इसके बाद ही बार एसोसिएशन आगे का निर्णय लेगी। प्रधान ने बताया कि रेलवे रोड स्थित प्लॉट बिक्री के प्रकरण में अधिवक्ता ने केवल दस्तावेज तैयार कराए थे। इनके पीछे अन्य लोगों का क्या मकसद था, इसकी जानकारी उनको नहीं थी। मगर वकील पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इसके संबंध में पुलिस अधीक्षक से मिले और उनकी ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चेयरमैन बिजेंद्र अहलावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधमंडल एडीजीपी केके राव से मिला था। उन्होंने इस केस के लिए एसआईटी गठित करते हुए केस को रोहतक से भिवानी ट्रांसफर कर दिया है। अब डीएसपी के नेतृत्व में इस केस की जांच भिवानी से होगी। अब चीफ जस्टिस से मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।