रोहतक। इसे सिस्टम की लेटलतीफी कहें या आम गण के लिए तंत्र की विफलता, पिछले छह साल से बनकर तैयार बहुमंजिला शहीद भगत सिंह पार्किंग कम कामर्शियल काॅम्प्लेक्स का शहरवासियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सात करोड़ रुपये खर्च कर तैयार की गई इस बिल्डिंग का 2017 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्घाटन किया था। लेकिन, आज भी यह बिल्डिंग धूल फांक रही है।
साल 2011 में कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा के पहले कार्यकाल में किला रोड बाजार के साथ दिल्ली गेट में बने शहीद भगत सिंह पार्क की जगह सात करोड़ की लागत से कामर्शियल काॅम्प्लेक्स कम पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। नगर निगम ने पीडब्ल्यूडी की बीएंडआर ब्रांच से फीस देकर बिल्डिंग का निर्माण कराया। 2016 में बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हुआ। 4 अप्रैल 2017 में सीएम मनोहर लाल के हाथों बिल्डिंग का उद्घाटन कराया गया। 2019 में निगम ने लंबी जद्दोजहद के बाद बिल्डिंग को किराए पर देने का प्रयास किया। इसके लिए खुली बोली आयोजित की, लेकिन किसी भी व्यापारी ने बिल्डिंग किराए पर नहीं ली। केवल किला रोड के एक व्यापारी ने 58 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पार्किंग की बोली छुड़वाई। तय किया कि वे दिवाली से पहले नवरात्रों में पार्किंग चालू करेंगे, लेकिन फेस्टिवल सीजन के बावजूद किला रोड बाजार के दुकानदारों ने अपने वाहन पार्किंग में खड़े नहीं किए। इसके चलते ठेकेदार ने पार्किंग चलाने में असमर्थता जाहिर करते हुए निगम को पत्र सौंप दिया। फिर निगम ने दोबारा बोली आयोजित की, लेकिन वह भी फेल हो गई।
रेहड़ी-फड़ी वाले भी बिल्डिंग में जाने को तैयार नहीं
तीन माह पहले निकाय मंत्री कमल गुप्ता रोहतक आए और निगम के अधिकारियों को हिदायत दी थी कि बिल्डिंग को मार्केट के तौर पर विकसित किया जाए, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका। दिवाली से पहले प्रशासन ने तय किया कि बिल्डिंग में फड़ी व रेहड़ी वालों को जगह दी जाए, लेकिन रेहड़ी व फड़ी वाले जाने को तैयार नहीं हैं।
ये रेट तय हुए, लेकिन कोई व्यापारी तैयार नहीं
निगम की तरफ से एक साल पहले बिल्डिंग को खरीदने या किराये पर देने के लिए रेट तय किए गए। प्रथम तल पर 33 वर्ग फीट की 14 दुकानें हैं। प्रत्येक दुकान की बिक्री 41 लाख रुपये या 25 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर होगी। दूसरे तल पर 33 वर्ग गज की 14 दुकानें हैं। प्रत्येक दुकान की बिक्री 40 लाख रुपये या 22 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर होगी। इसके बावजूद किसी व्यापारी या फर्म ने रुचि नहीं दिखाई।
अकेले 2019 में लगी थी चार बार बोली
भगत सिंह पार्किंग की दुकानों की बोली निगम 11 सितंबर 2019, 13 सितंबर 2019, 28 नवंबर 2019 तथा 20 दिसंबर 2019 को लगी, लेकिन व्यापारी रुचि नहीं दिखा रहे। व्यापारियों का कहना है कि निगम रेट ज्यादा तय कर रहा है। दूसरा, चार पहिया वाहनों के लिए जगह कम है। तीसरा, भीड़ वाला एरिया है, जहां जाम लगा रहना तय है। चौथ दुकानें पहली व दूसरी मंजिल पर बनेंगी। ग्राहक सीढि़यों से चढ़कर ऊपर नहीं जाएगा।
-शहीद भगत सिंह कामर्शियल काॅम्प्लेक्स एवं पार्किंग स्थल का मामला संज्ञान में है। सरकार की हिदायतों के तहत कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा।
-राकेश कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम