भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहले पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज कराने और फिर बयान बदलने वाली महिला पहलवान के दादा के तेवर अब और तीखे हो गए हैं। उनका कहना है कि उनकी पोती को मोहरा बनाया गया था और इसके लिए उनके बेटे को बरगलाया गया। उन्होंने कहा कि बेटे को किसने और कैसे बरगलाया, इसका खुलासा वह जरूर और जल्द करेंगे। इसके लिए वह प्रमाण जुटाने में जुटे हैं।
अमर उजाला से शुक्रवार को फोन पर बातचीत में उन्होंने उनका कहना था कि जनवरी माह में जब पहली बार दिल्ली में धरना शुरू हुआ था, उस समय नाबालिग पहलवानों के साथ कुछ होने का जिक्र तक नहीं था। इसके बाद ही उनके बेटे को बरगलाया गया।
इतना ही नहीं, उनकी पोती के साथ-साथ दो अन्य नाबालिग पहलवानों का जिक्र भी बार-बार किया जा रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल रिपोर्ट में उन दोनों का कोई जिक्र नहीं आया। इससे साफ है कि दो अन्य पहलवान भी नाबालिग नहीं थीं। उनका कहना कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी जरूरी है।
बृजभूषण पर पॉक्सो मामले को लेकर साक्षी मलिक ने कहा- पीड़िता के परिवार ने दबाव में बदला बयान
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। कुश्ती संघ का चुनाव घोषित हो चुका है और पहलवानों के कई मांगों को पूरा भी किया जा रहा है। सरकार ने प्रदर्शनकारी पहलवानों से किए कई वादों पर काम किया है। इसी बीच प्रदर्शनकारी पहलवानों में सामने साक्षी मलिक का बयान सामने आया है। उन्होंने नाबालिग पहलवान के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अपनी बात सामने रखी है। साक्षी का कहना है कि पीड़िता के पिता और परिवार पर काफी दबाव था। इसलिए उन्होंने बयान को बदला है।
साक्षी मलिक ने शुक्रवार (16 जून) को समाचार एजेंसी एएनआई से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, ''चार्जशीट में उन्हें (बृजभूषण शरण सिंह) को दोषी करार दिया गया है। बाकी सबकुछ साफ तभी होगा जब हमारी लीगल टीम के हाथ में चार्जशीट आएगी। फिर वह साफ-साफ बता पाएंगे कि कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं। उसी के अनुसार आगे की रणनीति बनाई जाएगी।''
साक्षी ने क्या-क्या कहा?
पॉक्सो मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। POCSO मामले में जांच पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता यानी पीड़िता के पिता और स्वयं पीड़िता के बयानों के आधार पर कोर्ट में मामले को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। इस पर साक्षी ने कहा, ''ये पुलिस ने हटाई है। जैसा हमने सुना है कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट तय करता है कि वह किस बयान को सही मानेगा, पहले वाले बयान को या बाद में दिए गए बयान को। हम इसे लेकर काफी दिनों से बता रहे हैं कि पीड़िता के पिता और परिवार पर काफी दबाव था। उनके और पूरे परिवार के ऊपर शुरू से ही दबाव बनाया गया था।''
'संघ में बृजभूषण के घर का आदमी नहीं हो'
कुश्ती संघ के चुनाव घोषित हो चुके हैं। छह जुलाई को सभी पदों के लिए चुनाव होंगे और उसे दिन नतीजे सामने आएंगे। कुश्ती संघ में चुनाव को लेकर साक्षी ने कहा, ''हमारी यह पहली मांग थी कि संघ में उनके (बृजभूषण) के घर का कोई आदमी नहीं हो। हम चाहते हैं कि नए संघ का निर्माण हो। इसमें खिलाड़ी भी हो सकते हैं।''
आगे की क्या है रणनीति?
साक्षी ने आगे की रणनीति के बारे में कहा, ''एक बार चार्जशीट हमें दिख जाए और दूसरा, जो सरकार ने एक-दो और वादे किए थे उनमें कुछ बाकी हैं। ये सब काम हो जाए तो फिर हम यह फैसला करेंगे कि हमारा अगला कदम क्या होगा।''