Branded goods to be used in the kitchen of the orphanage
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उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बाल भवन में अनाथ बच्चों के लिए बनाए गए जगन्नाथ आश्रम की रसोई में ब्रांडेड सामान का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जगन्नाथ आश्रम का निरीक्षण कर बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही बच्चों से बातचीत भी की। उपायुक्त ने कहा कि रसोई में आटा, तेल आदि सारा सामान ब्रांडेड कंपनियों का होना चाहिए। उन्होंने शौचालय में रैक बनवाने के निर्देश दिए ताकि बच्चे अपना सामान रख सकें। बच्चों से उनकी स्कूली शिक्षा के बारे में फीडबैक लिया और मदर टीचर को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बच्चों के पढ़ने, सोने व खाने के सभी स्थानों का जायजा लिया, बिस्तरों पर तकिये उपलब्ध करवाने की हिदायत दी। बाद में मीडिया से बातचीत में सफाई व अन्य सुविधाओं पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में कुछ बुनियादी समस्याएं हैं, जिन्हें मुख्यालय स्तर से हल करवाया जाएगा। यह संस्थान नया बना है, अभी यहां काफी काम किया जाना बाकी है। कोरोना के मद्देनजर बच्चों की जांच को अलग कमरा बनाया गया है। जैसे ही किसी बच्चे में लक्षण नजर आते हैं, उसकी जांच करवाई जाती है। इसके बाद उपायुक्त ने दयानंद मठ के पास स्थित लखीराम अनाथालय गए और वहां की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की, छोटे बच्चों से पूछा कि लंच में क्या खाया है। बच्चों से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने लखीराम अनाथालय में दी जा रही सुविधाओं पर संतोष जताया। इस दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. केएल मलिक, जिला महिला व बाल विकास अधिकारी बिमलेश कुमारी, जेजे बोर्ड के सदस्य राजेंद्र धवन, सीडीपीओ योगेंद्र सांगवान और पूनम भी मौजूद थे।