रोहतक। इंसान की सबसे बड़ी पूंजी उसका स्वास्थ्य है। स्वास्थ्य के बगैर हर उपलब्धि अधूरी है इसलिए स्वास्थ्य के बारे में जागरूक बनें। अपनी सेहत का ख्याल रखें। यह बात महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कही। वह सोमवार को यूथ रेड क्रॉस समिति की ओर से आयोजित सात दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
कुलपति ने जीवन में स्वास्थ्य की महता से अवगत कराते हुए कहा कि जीवन में स्वास्थ्य है तो सब कुछ है। उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासित होकर मानसिक और शारीरिक तौर पर तंदरुस्त रह सकते हैं।
डॉ. गजेंद्र सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी, पीजीआईएमएस, रोहतक तथा डॉ. संजय वर्मा, एसएमओ, रीजनल ब्लड सेंटर, करनाल ने समापन सत्र में कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अंजु धीमान ने कहा कि सात दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में फर्स्टएड व इमरजेंसी रिस्पांस, हेल्थ अवेयरनेस सैशन, मेंटल हेल्थ व अन्य गतिविधियों पर फोकस रहा।
वाईआरसी काउंसलर डाॅ. कपिल कौशिक ने शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वाईआरसी स्वयंसेवक विश्वजीत, साक्षी और सेजल ने शिविर का फीडबैक दिया। वाईआरसी काउंसलर डॉ. कविता ने मंच संचालन किया। वाईआरसी कंसल्टेंट एमसी धीमान ने आभार जताया। इस मौके पर सीडीओई निदेशक प्रो. नसीब सिंह गिल, पंकज नैन, वाईआरसी काउंसलर डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. धीरज खुराना, डाॅ. टीना, डाॅ. प्रीतम, डाॅ. रितु और डॉ. सुप्रिया समेत यूटीडी और संबद्ध महाविद्यालयों के वाईआरसी स्वयंसेवक उपस्थित रहे।