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बालंद केस : दूध की सैंपल जांच रिपोर्ट खोलेगी तीन मासूमों की मौत का राज

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रोहतक। बालंद गांव में दो भाईयों के संयुक्त परिवार के नौ सदस्यों की तबीयत बिगड़ने की वजह पुलिस की प्रारंभिक जांच में दूध में जहरीला पदार्थ होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। क्योंकि दो साल की बच्ची ने केवल दूध पिया था, उसकी ही सबसे पहले जान गई है। दूध के साथ-साथ पुलिस ने बची रोटी व आटे के सैंपल भी लिए हैं, जबकि सब्जी खत्म हो चुकी थी। अब उनकी रिपोर्ट आने के बाद तीन मासूमों की मौत का राज खुल सकेगा। बाकी परिवार के सदस्यों की तबीयत ठीक है। मासूम गणिका ने भी वीरवार को आंख खोली। उसे अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है। उधर, तीनों बच्चियों का गांव में वीरवार शाम को अंतिम संस्कार किया गया है, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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इयांशू को दी मिट्टी, दिव्या व लक्षिता का एक चिता में हुआ अंतिम संस्कार
वीरवार को पुलिस ने दो साल की इंयासू, सात साल की दिव्या व आठ साल की लक्षिता का डॉक्टरों के तीन सदस्यीय बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए लैब में भेज दिया। शाम को बालंद गांव के श्मशान में तीनों बच्चियों का अंतिम संस्कार किया गया। इयांशू को मिट्टी में दफन किया गया, जबकि दिव्या व लक्षिता का एक चिता में अंतिम संस्कार किया गया। जिला परिषद के पार्षद जयदेव, गांव के सरपंच नितिन व बालंद के अलावा आसपास के गांवों के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

पिता बोले, किसी पर कोई शक नहीं
पुलिस वीरवार को दोबारा खेड़ी साध के नजदीक निजी अस्पताल में पहुंचे और परिवार के सदस्य राजेश के बयान दर्ज किए। राजेश ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया। सुबह उल्टी आने लगी। किसी के द्वारा खाने या दूध में जहरीला पदार्थ मिलाने की कोई आशंका नहीं है। उसे लगता है कि फूड प्वाइजनिंग से ही तबीयत बिगड़ी है।
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तीनों शवों का तीन सदस्यीय पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है। दूध, रोटी व ऑटो के सैंपल ले लिए हैं, जबकि सब्जी खत्म हो गई थी। दो साल की बच्ची ने दूध ही पिया बताया गया है। ऐसे में रिपोर्ट से पता लग सकेगा कि कौन से खाने के पदार्थ क्या मिला था। परिजनों ने किसी पर शक व्यक्त नहीं किया है। ऐसे में फिलहाल आईपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है।
इंस्पेक्टर देशराज, प्रभारी थाना शिवाजी कॉलोनी
ये है मामला
पुलिस के मुताबिक बालंद गांव निवासी कृष्ण के दो बेटे हैं। एक बेटा राकेश जहां खेतीबाड़ी करता है, जबकि राजेश ट्रांसपोर्टर का काम करता है। 15 अगस्त को परिवार खाना खाकर सो गया। सुबह उठे तो परिवार के सदस्यों ने उल्टी की शिकायत की। गांव में कुछ दवाई ली। जब आराम नहीं हुआ तो शाम को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां दो साल की इयांशू, आठ साल की लक्षिता व छह साल की दिव्या की मौत हो गई।
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