बहादुरगढ़। 5 अक्तूबर को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया था। 8 अक्तूबर को परिणाम आएंगे और बहादुरगढ़ सीट पर कौन बाजी मारेगा, इसको लेकर सोमवार को भी क्षेत्र में जगह-जगह चर्चाएं होती रहीं। कोई किसी पार्टी के प्रत्याशी को जिता रहा था तो कोई निर्दलीय पर जोर लगा रहा था। अब देखना होगा कि 8 अक्तूबर को होने वाली गिनती में बहादुरगढ़ का ताज किसके सिर सजेगा।
बहादुरगढ़ विधानसभा सीट पर 20 वर्षों से एक ही गांव का कब्जा रहा है। यह गांव है लोवा खुर्द। इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने जहां राजेंद्र जून को मैदान में उतारा तो भाजपा से लोवा खुर्द निवासी दिनेश कौशिक मैदान में रहे। वर्ष 2004 से 2014 तक कांग्रेस के राजेंद्र सिंह जून विधानसभा पहुंचे तो वर्ष 2014 में यहां की कमान लोगों ने भाजपा के नरेश कौशिक को सौंपी थी। इसके बाद वर्ष 2019 में फिर से लोवा खुर्द निवासी कांग्रेस के राजेंद्र सिंह जून ने बाजी मारी और विधायक बनकर चंडीगढ़ विधानसभा पहुंचे।
वर्ष 2024 में बहादुरगढ़ सीट पर मुकाबला बहुकोणीय है। तीन प्रत्याशी इसी गांव के रहने वाले हैं। इनमें भाजपा से दिनेश कौशिक, कांग्रेस से राजेंद्र जून व निर्दलीय प्रत्याशी राजेश जून शामिल हैं। इनेलो-बसपा से शीला नफे सिंह राठी, आम आदमी पार्टी से कुलदीप छिकारा और पंचायती उम्मीदवार रमेश दलाल चुनावी मैदान में रहे। अबकी बार चौधर किसके पास रहती है, यह 8 अक्तूबर को पता चल पाएगा। इस बार बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतगणना भी झज्जर के नेहरू कॉलेज में होगी। इसके चलते पार्टी प्रत्याशी और निर्दलियों के समर्थक मंगलवार सुबह ही झज्जर पहुंच जाएंगे। वहां से जीतकर बहादुरगढ़ कौन लौटेगा, यह आज घोषित होने नतीजे ही बता पाएंगे।