रोहतक। शहर की सड़कों पर कदम-कदम पर जानलेवा लापरवाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। चाहे पुराना शहर हो या पाॅश इलाके का सेक्टर-1 , जगह-जगह सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं तो कहीं गायब ही हो गए हैं। विडंबना यह है कि अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं। वहीं राहगीरों ने चेतावनी के तौर पर कहीं टूटे मैनहोल पर लाल रंग की थैली डंडे पर टांग रखी है तो कहीं टूटे सीवर को मिट्टी से ढका हुआ है। रात के समय या बारिश का पानी भरने पर यहां वाहन चालकों के साथ जानलेवा हादसा हो सकता है।
डीएलएफ कॉलोनी : हादसे के बाद पहुंचे अधिकारी, पूर्व मंत्री को आना पड़ा
शहर की डीएलएफ कॉलोनी में सीमेंट की सड़क की गिट्टी कई दिन से गायब थी। अचानक ऑटो व बाइक सवार गड्ढे में फंस चुके थे। आसपास के लोगों ने विभाग को सूचना दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। आखिर में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर मौके पर पहुंचे। इसके बाद अधिकारी भी पहुंचे और नया जाल लगवाया, साथ ही गड्ढों को भरवाया।
गोहाना रोड : पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के सामने टूटे 50 मीटर के दायरे में दो सीवर के ढक्कन
सुखपुरा चौक से पुराने गोहाना अड्डे की तरफ आते समय टीबी अस्पताल से पहले पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के सामने 50 मीटर के दायरे में सीवर के मैनहाेल के दो ढक्कन टूटे पड़े हैं। आलम यह है कि सीमेंट पूरी तरह टूट कर गिर चुकी है। लोहे का सरिया ही दिखाई दे रहा है। राहगीरों ने चेतावनी के तौर पर लाल रंग की थैली डंडे में टांग रखी है, जबकि दूसरे मैनहोल का ढक्कन टूटा पड़ा है। रात के समय या बारिश का पानी भरने पर हादसा हो सकता है।
बाबरा मोहल्ला : बांस गेट में टूटा पड़ा ढक्कन, नहीं ले रहा कोई सुध बाबरा मोहल्ले के बांस गेट में सीवर का ढक्कन मोड़ पर टूटा पड़ा है। आसपास के लोगों ने बताया कि सीवर लाइन का मैनहोल मोड़ के ठीक ऊपर है। ऐसे में ढक्कन टूटने से रात के समय हादसा होने की आशंका बढ़ जाती है।
सेक्टर एक : ढक्कन गायब, ऊपर से मिट्टी डाली
राजीव गांधी स्टेडियम के नजदीक सेक्टर-1 की गली नंबर दो के मोड़ पर सीवर के मैनहोल से ढक्कन ही गायब है। मैनहोल के ऊपर मिट्टी डाल रखी है। ऐसे में राहगीर पक्की सड़क मानकर उसके ऊपर से गुजरे तो हादसा होना तय है। दोपहिया वाहन मैनहोल में फंसकर गिर सकता है।
पुराने एसई ने कोर्ट से लिया स्टे, नए ने आते ही लिया अवकाश
शहर की सीवरेज व्यवस्था की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग की है। विभाग के पुराने एसई आरके शर्मा का तबादला हिसार हो चुका है। जब उनका तबादला रद्द किया गया तो वे कोर्ट में चले गए। अदालत से स्टे मिल गया है, जबकि नए एसई शिवराज आते ही छुट्टी पर चले गए हैं।
सीवर लाइन के मैनहोल के ढक्कन गायब होना व टूटने से किसी भी समय हादसा हो सकता है। मुझे किसी तरह की शिकायत नहीं मिली। जल्द नए ढक्कन लगवा दिए जाएंगे।
- तरुण गर्ग, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
शहर में सार्वजनिक सुविधाएं बदहाल हो गई हैं। अधिकारी सुनवाई नहीं करते। जल्द पार्षदों के साथ डीसी एवं निगम आयुक्त अजय कुमार से मिलकर आम लोगों की दिक्कतों को रखेंगे।
- अजय जैन उर्फ टाटू, पूर्व पार्षद नगर निगम
सीवर के मैनहोल के अलावा सीवर लाइन की सफाई नहीं होती। इससे पुराने शहर में जगह-जगह सड़कों के ऊपर से पानी बहता रहता है। न तो अधिकारी ध्यान दे रहे और न ही नेताओं को चिंता है।
- कदम सिंह अहलावत, पूर्व पार्षद नगर निगम