रोहतक। अगर आपके पास कोई परिचित व्यक्ति या रिश्तेदार मोबाइल पर मैसेज करके अपनी जरूरत बताते हुए रुपये मांगे तो सावधान हो जाएं। ऐसे मैसेज के बाद सीधे अपने रिश्तेदार या परिचित को कॉल करें। अगर आपने भावनाओं में आकर रुपये ट्रांसफर कर दिए तो आप साइबर ठग का शिकार बन जाएंगे। चूंकि जिस नंबर से मैसेज आया है वह भी नया ही नंबर होगा। हालांकि साइबर अपराधियों डीपी पर जरूर आपके परिचित का फोटो लगा रखा होगा, जब भी ऐसा कोई मामला आपके सामने आए तो संभल कर ही कदम उठाएं।
केस एक
पापा का दोस्त बनकर युवती से ठगे 18 हजार
थाना सदर क्षेत्र के टिटौली निवासी एक युवती ने सोमवार को 18 हजार रुपये धोखाधड़ी से हड़पने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता इंदु का कहना है कि एक व्यक्ति ने फोन करके कहा कि वह उनके पापा का दोस्त है। वह कहीं फंस गया है और उनको पेटीएम से पैसा देना है, लेकिन उनके खाते में कोई परेशानी आ गई है। इस वजह से पैसे ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं। वह उनके मोबाइल पर भेज रहा है और फिर वह राशि उनके पेटीएम पर ट्रांसफर कर देना। एक के बाद एक तीन मैसेज आए और उसमें 24 हजार रुपये भेजने का मोबाइल पर मैसेज आए। इस पर उन्होंने तीन बार में 18 हजार रुपये आरोपी के मोबाइल पर ट्रांसफर कर दिए। मगर जब फिर से उसने कुछ रकम ट्रांसफर करने की बात कही तो संदेह हुआ। मोबाइल का मैसेज चेक किया तो पाया कि उनके खाते से 18 हजार रुपये कट गए हैं। जबकि आरोपी ने केवल मैसेज भेजे हैं पेैसे नहीं आए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
केस दो
रिश्तेदार बनकर आठ हजार हड़पे
थाना आर्य नगर क्षेत्र के झज्जर रोड निवासी हेमंत के साथ एक व्यक्ति ने रिश्तेदार बनकर आठ हजार रुपये की धोखाधड़ी कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने उसके रिश्तेदार का नाम लेकर आठ हजार रुपये मांगे थे। जब पेटीएम से पैसे भेज दिए तो देखा कि उक्त नंबर तो किसी अन्य व्यक्ति का है। इसके बाद रिश्तेदार से बात की तो उन्होंने भी इस प्रकरण की जानकारी होने से इंकार कर दिया। इस तरह अकसर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है।
केस तीन
लिंक भेजकर 15 हजार रुपये ठगे
शहर निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में 15 हजार रुपये ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित प्रमोद कुमार का आरोप है कि एक व्यक्ति ने उसके साले की फोटो डीपी पर लगाकर पैसे मांगे थे। 15 हजार रुपये की बात सामने आई तो उन्होंने बिना सोचे समझे पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब कॉल की तो उन्होंने पैसे मांगने से इंकार कर दिया। जबकि जिस नंबर से कॉल आई थी वह भी नया नंबर था।
कुछ इस तरह से भी हो रही साइबर ठगी
-कोई भी व्यक्ति आपके पास मैसेज भेजकर पैसे वापस मांगे तो समझ जाए कि वह साइबर ठग है।
-यदि कोई व्यक्ति आपके मोबाइल पर ओटीपी भेजकर उसकी जानकारी मांगे तो सर्तक हो जाएं।
-टास्क पूरा करने के एवज में यदि कुछ पैसे भेजे और फिर वापस लें तो वहां पर भी खतरा है।
-कोई व्यक्ति व्हाट्सअप पर लिंक भेजकर उसे ओपन करने के लिए कहे तो वह साइबर ठग है।
साइबर अपराधी लोगों को अपने झांसे लें लेकर मेहनत की गाढ़ी कमाई को उड़ा ले जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को किसी लालच में नहीं आना चाहिए। इसके अलावा सोच समझकर ही ओटीपी और लिंक ओपन करें। यदि कोई रिश्तेदार या परिचित नए नंबर से पैसे मांगता है तो उसे कॉल करके ही पूछने के बाद पैसे ट्रांसफर करें।
हिमांशु गर्ग, पुलिस अधीक्षक।