06jjrp03 झज्जर में स्थित पंजाबी धर्मशाला में कथा के दौरान श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग पर
झज्जर। भागवत परिवार नाम संकीर्तन समिति झज्जर की ओर से पंजाबी धर्मशाला के शहीद मदन लाल ढींगरा हाल में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन आचार्य उपेंद्र कृष्ण ने कहा कि श्री कृष्ण-रुक्मिणी का विवाह की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि यह विवाह किसी साधारण वर कन्या का विवाह नहीं है। यह जीव और ईश्वर का विवाह है। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी ने श्री कृष्ण को पत्र लिखा कि जैसे आप निर्विकार हैं, वैसे ही मैं भी निष्काम हूं। मेरा जीवन आपको समर्पित है कृपया आकर मेरा हाथ पकड़कर मेरा उद्धार करें। रुक्मिणी की भांति जब जीव निष्काम होकर निर्विकार परमात्मा को पुकारता है तो भगवान उसका उद्धार करने में देर नहीं करते। भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं। विवाह उत्सव के दौरान प्रस्तुत किए गए भजनों के दौरान श्रद्धालु अपने आप को रोक नहीं पाए और जमकर नाचे। इस विवाह के साक्षी रहे श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी को उपहारों की सौगात दी। यज्ञमान आरआर परिवार एवं नगरवासियों ने भक्ति भावना के साथ कन्यादान के रूप में भेंट अर्पित की। श्रीकृष्ण रुकमणि विवाह धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कृष्ण-रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया गया। साथ ही कृष्ण-रुक्मणी की सजीव झांकी सजाई गई। यज्ञमान दीपक बंसल, महेंद्र बंसल, आरआर परिवार ने श्री भागवत भगवान की है आरती पापियों को पाप से है तारती..भगवान की स्तुति कर भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद लिया । इस दौरान पंडित नरेंद्र तिवारी, अशोक गुप्ता, विकास गोयल, सुनील जैन, रविंद्र वर्मा, शिव कुमार, अमित, चिमन लाल वर्मा, रवि गुप्ता, जगदीश गेरा, मनोज तलवार, रामअवतार गेरा, राकेश गोयल, हर्ष जैन मौजूद रही।