माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। अवैध काॅलोनी में तोड़फोड़ नहीं करने की एवज में 10 लाख की रिश्वत लेने के आरोपी नगर निगम के सहायक नगर योजनकार (एटीपी) और नक्शानवीस को विजिलेंस टीम ने वीरवार को अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने दोनों को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम आरोपियों को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
डीएसपी विजिलेंस सुमित कुमार ने बताया कि राजेंद्र नगर निवासी राजेश पुनिया ने न्यू बाईपास बोहर गांव के पास नौ एकड़ जमीन में काॅलोनी विकसित की है। बिल्डर का आरोप है कि नगर निगम के एटीपी जितेंद्र नेहरा काॅलोनी में तोड़फोड़ न करने की एवज में छोटूराम चौक स्थित नक्शानवीस त्रिलोकचंद शर्मा के माध्यम से 40 लाख रुपये मांग रहा था। बाद में दोनों पक्षों के बीच 22 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। बुधवार को इसमें से वह नक्शानवीस को 10 लाख रुपये दे देगा। बिल्डर ने विजिलेंस को शिकायत देते हुए न्याय की गुहार लगाई।
डीएसपी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शाम करीब साढ़े छह बजे छोटूराम चौक स्थित नक्शानवीस के कार्यालय पर दबिश दी। यहां बिल्डर से 10 लाख रुपये रिश्वत लेते नक्शानवीस त्रिलोकचंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एटीपी जितेंद्र नेहरा को काबू किया। डीएसपी का कहना है कि मामले को लेकर पूछताछ करनी है। इस दौरान और खुलासा होने की संभावना है।