17सीटीके11..आचार संहिता के बाद बस अड्डे पर लगे बैनर। संवाद
रोहतक। विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आचार संहिता लग गई है। राजनीति दल व उम्मीदवारों को चुनाव कार्यालय खोलने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। डीसी व जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने नगर निगम अधिकारियों को हिदायत दी है कि सरकारी होर्डिंग को तत्काल प्रभाव ढका जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लाउडस्पीकर का प्रयोग जिला प्रशासन की अनुमति से उचित ध्वनि नियंत्रण के तहत सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक की अवधि में ही किया जा सकता है। किसी प्रकार की चुनाव व मतदाता संबंधी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1950 की स्थापना की गई है। डीसी ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित सरकार की उपलब्धियां प्रदर्शित करने वाली सभी होल्डिंग, बैनर व पोस्टर तुरंत प्रभाव से हटवाकर जिला प्रशासन को रिपोर्ट दें।
निगरानी के लिए उड़नदस्ते व टीम गठित
डीसी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रलोभन संबंधी वस्तुओं के आवागमन की निगरानी के लिए उड़नदस्ते व निगरानी टीमों का गठन किया गया है। मतदाताओं को लुभाने के लिए नगदी, शराब या अन्य पारितोषिक, वस्तु वितरण, मुफ्त में भोजन परोसना रिश्वत की श्रेणी में आता है। रिश्वत भेंट करना या स्वीकार करना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक का कारावास और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने जिला के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को रिश्वत संबंधी घटना की सूचना की जानकारी मिले तो जिला में स्थापित नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1950 पर सूचित करें।
सार्वजनिक व निजी संपत्ति का नहीं किया जा सकता अतिक्रमण
डीसी ने चुनाव के समय अस्थाई चुनाव कार्यालय के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। तय शर्तों व मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को ही अस्थाई चुनाव कार्यालय खोलने की अनुमति होगी। सार्वजनिक अथवा निजी संपत्ति का अतिक्रमण करके कोई भी चुनाव कार्यालय नहीं खोला जा सकता। धार्मिक स्थल अथवा धार्मिक स्थल के परिसर में भी चुनाव कार्यालय नहीं खोला जा सकता। शैक्षणिक संस्थान अथवा अस्पताल के समीप भी चुनाव कार्यालय नहीं खोला जा सकता। मतदान केंद्र की 200 मीटर की परिधि में भी चुनाव कार्यालय नहीं खोला जा सकता। चुनाव कार्यालय में केवल एक पार्टी झंडा और बैनर पार्टी का चिन्ह फोटो के साथ प्रयोग किया जा सकता है। बैनर का साइज 4,3,8 फीट से अधिक नहीं होना चाहिए। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 77 व 78 की कड़ाई से अनुपालना करना होगा।