रोहतक। खेल उपलब्धियों के लिए खेल नीति को श्रेय देकर अपनी पीठ थपथपाने वाली सरकार खिलाड़ियों को इनाम राशि तक नहीं दे पा रही है। चौंकिए मत। सच यही है। जीत तोड़ मेहनत व जान लगाकर प्रदेश को पदक दिलाने वाले खिलाड़ी पिछले दो वर्षों से इनाम राशि व नौकरी के लिए तरस रहे हैं।
एशियन पैरा गेम्स के खिलाड़ी दूसरे राज्यों में इनाम राशि ही नहीं, नौकरी भी हासिल कर चुके हैं। जबकि अपने ही हरियाणा ने इन्हें बिसराया हुआ है। वर्ष 2022 में हुए नेशनल पैरा गेम्स के खिलाड़ियों को अभी तक इनामी राशि नहीं मिली है। वर्ष 2023 के नेशनल और एशियन गेम्स के खिलाड़ियों के अभी तक इनामी राशि के लिए आवेदन तक नहीं भरवाए गए हैं। खिलाड़ी सरकार से इनामी राशि के लिए गुहार करते हैं तो उन्हें बजट ही नहीं होने बात कहकर चुप करा दिया जाता है।
प्रदेश में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन करने के लिए ही बजट ही नहीं है। खिलाड़ी इतनी मेहनत करके देश व विदेश में हरियाणा का नाम रोशन कर रहे हैं। इससे खिलाड़ियों का मनोबल टूटने लगा है। खिलाड़ियों का कहना है कि पदक बड़ी मुश्किल से आते हैं। जबकि इनामी राशि दो साल से नहीं मिली है। पदक विजेताओं के लिए सरकार के पास नौकरी है न इनामी राशि।
वर्जन
वर्ष 2022 की इनामी राशि के लिए मुख्यालय में सूची भेजी जा चुकी है। वहां से अब तक कोई सूचना नहीं आई है। वर्ष 2023 के नेशनल और एशियन पैरा गेम्स के लिए विभाग की तरफ से ही कोई सूचना नहीं आई है।
अनूप सिंह, जिला खेल अधिकारी।