रोहतक। आशा वर्कर्स पिछले 46 दिन से अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटी हुई हैं। परिवेदना समिति की बैठक में पहुंचे उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को ज्ञापन देने पहुंची आशा वर्कर्स बगैर मिले ही वापस लौटी। पुलिस ने आशा वर्करों के आने से पहले ही विकास भवन का गेट बंद किया। जिसके चलते आशा वर्कर्स बाहर ही जोरदार नारेबाजी कर अपने धरने स्थल पर पहुंच गई।
जिला सचिव सोनिया ने बताया कि उपमुख्यमंत्री द्वारा आशा वर्करों से न मिलने से नाराज आशा वर्करों ने उनके नाम संबोधित ज्ञापन जिला विकास भवन पर ही चस्पा करते हुए कहा कि इसी तानाशाही रवैये के कारण प्रदेश की लगभग 21 हजार आशा वर्कर्स आंदोलनरत हैं। 25 सितंबर को सरकार के तानाशाही और दमनकारी रवैया के खिलाफ जिला मुख्यालय पर जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी जाएगी।