रोहतक। आशा वर्कर्स अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए पिछले 39 दिन से हड़ताल पर डटी हुई हैं। उपायुक्त कार्यालय पर 8 अगस्त से जारी धरने पर शुक्रवार को सांपला सीएचसी की आशा वर्कर्स ने भाग लिया। धरने की अध्यक्षता ममता चुलियाना, पूनम इस्माईल व रामरानी ने संयुक्त रूप से की तथा संचालन सोनिया मुंगाण व ज्ञान देवी ने किया।
आशा वर्कर यूनियन (सीटू) की जिला प्रधान अनीता भाली ने बताया कि उनका मानदेय 2018 के बाद नहीं बढ़ाया गया है। जबकि इस दौरान विशेष कर कोरोना काल के बाद आशाओं का काम पांच गुना बढ़ा दिया गया है। यही नहीं इस दौरान बढ़ाए गए काम को बिना कोई भुगतान किए ऑनलाइन करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। इससे आशाओं में सरकार के प्रति बहुत ज्यादा रोष बढ़ा है। इसके अतिरिक्त 39 दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करके समस्याओं का निपटारा करने की बजाय उन्हें बार-बार पुलिस दमन का शिकार बनाया जा रहा है। जिसे समाज के दूसरे सभी वर्गों व संगठनों से भी आशा वर्करों की इस हड़ताल को भारी जन समर्थन मिल रहा है।