रोहतक। आशा वर्कर्स पिछले 27 दिन से अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर हड़ताल पर डटी हैं। सीटू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उनके समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान अनीता भाली, जिला उप प्रधान सुशीला, जिला कमेटी सदस्य रजनी ने कहा कि आशा वर्कर्स को 2005 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लगाया गया था। उनको गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशु और बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित लगभग 40 काम दिए गए। आशाओं के शानदार काम की बदौलत हासिल की गई इस उपलब्धि को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहना की। इन महत्वपूर्ण कामों के बदले सरकार आशा वर्कर्स को मामूली प्रोत्साहन राशियां देती हैं। आमजन ने देखा कि आशा वर्कर्स ने कोरोना महामारी के अंदर भी शानदार काम किया था जिसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से आशा वर्कर्स को ग्लोबल हेल्थ लीडर्स का अवाॅर्ड मिला था। परंतु भाजपा सरकार आशा वर्कर्स के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। इस दौरान मीनू, नीरज, सीमा, राजेश, नीलम, सरिता, सुनीता, सुशीला, अबला सुजीत प्रमुख तौर पर शामिल रही।