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Rohtak News: ढाई लाख क्विंटल धान की आवक, खरीद महज 30 हजार

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जींद। जिले में पीआर धान को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसके चलते अब तक 12 मंडियों में 4400 किसानों का 2.55 लाख क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है, लेकिन खरीद प्रक्रिया में प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। इसके चलते जिले की सात मंडियों में 500 किसानों का 30,400 क्विंटल पीआर धान ही बिक पाया।
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इसके बावजूद मंडियों में 3900 किसानों को लगभग सवा दो लाख क्विंटल धान के बिकने का इंतजार बना हुआ है। मंडियों में धान की आवक 27 सितंबर से शुरू हो गई थी। अब तक 12 दिनों से मंडियों में किसानों की धान बिकने के इंतजार में है। कई मंडियों में तो धान खरीद के नाम पर खानापूर्ति की गई है। जिले में अलेवा मंडी में सबसे पहले पीआर धान की आवक हुई थी। यहां पर अब तक 180 क्विंटल धान तीन किसानों का खरीदा गया है। इसके बावजूद सैकड़ों किसानों को धान की मंडी में रखवाली करनी पड़ रही है। अलेवा मंडी के अलावा धमतान साहिब मंडी में 11 किसानों से 810 क्विंटल, धनौरी में दो किसानों का 140, गढ़ी में 29 किसानों का 1780, मंगलपूर में सात किसानों का 17 किसानों का 1160, नरवाना में 222 किसानों का 14670 व पिल्लूखेड़ा में 216 किसानों का 11770 क्विंटल धान खरीदा गया है। इसके अलावा जींद की अनाजमंडी में 4250, खरल में 900, नगूरां में सात हजार, सफीदों में 21 हजार, उचाना मंडी में 1660 क्विंटल धान की आवक हुई है। इसे खरीदने के लिए अभी तक कोई भी खरीद एजेंसी आगे नहीं आई। इन मंडियों में पिछले कई दिनों से खरीद शुरू होने की उम्मीद बनी है, लेकिन किसान धान बेचने के लिए प्रतिदिन मंडी में आकर वापस जाने को मजबूर हैं।

बाक्स

जींद मंडी में नहीं हुई धान की खरीद शुरू

पीआर धान की खरीद के लिए खरीद एजेंसियों को पत्र भी लिखा जा चुका है, लेकिन मंडी में अभी तक पीआर को खरीदने के लिए कोई एजेंसी आगे नहीं आ रही। फिलहाल जींद की अनाजमंडी में आवक भी कम है। प्रयास है कि जल्द ही मंडी में खरीद शुरू करवाई जाए। इसके लिए वह उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। मिलर्स की हड़ताल के कारण परेशानी बनी है।
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-संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव।
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