रोहतक। महेंद्रगढ़ के कनीना में सड़क हादसे में छह बच्चों को मौत से हर कोई सकते में है। हादसे के लिए स्कूल प्रबंधन की मनमानी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। सवाल उठ रहा है ईद के अवकाश के दिन स्कूल क्यों लगाया गया। निजी स्कूलों की मनमानी का यह पहला मामला नहीं है। रोहतक में भी सरकारी अवकाश के बावजूद कई निजी स्कूल खुले रहे।
वीरवार को ईद के अवकाश के चलते सरकारी स्कूल ही नहीं, सिविल अस्पताल व पीजीआई की ओपीडी समेत सभी सरकारी कार्यालय बंद रहे जबकि आदेशों को दरकिनार कर निजी स्कूल खुले रहे। नए शैक्षणिक सत्र की दाखिला प्रक्रिया के चलते स्कूल संचालकों ने बच्चों के ज्यादा से ज्यादा प्रवेश पर जोर दिया हुआ है। इसके चलते छुट्टी के दिन भी स्कूल खुले रखे। यहां अभिभावक बड़ी संख्या में अपने बच्चों का दाखिला कराने पहुंचे। ऐसे में स्कूल परिसरों में काफी भीड़ बनी रही। यही नहीं, जलती दोपहर में अभिभावक अपने बच्चों को लेने भी आए। व्यवस्था से आहत अभिभावकों ने यही कहा कि अवकाश तो है, मगर स्कूल खुले हैं इसीलिए बच्चों को भेजना पड़ा।
वर्जन
ईद के अवकाश के चलते सभी सरकारी स्कूल बंद हैं। निजी स्कूलों के खुलने का पता लगते ही संचालकों को इन्हें बंद करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी।