रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के आपातकालीन विभाग में एंटी रेबीज वैक्सीन की खेप पहुंची है। यहां इलाज कराने के लिए आसपास के जिलों के अलावा अन्य राज्यों के भी मरीज आते हैं। ऐसे में एंटी रेबीज वैक्सीन पहुंचना मरीजों के लिए राहत की बात है। ऐसे मरीजों की संख्या रोजाना औसतन 15 रहती है। एंटी रेबीज की दवा जानवरों के काटने या उनके नाखून लगने की स्थिति में रेबीज की बीमारी की संभावना को रोकने के लिए लगाई जाती है। कुत्ते और बंदरों के काटने से घायल मरीज पीजीआई में ज्यादा पहुंचते हैं, जिन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है।
-वर्जन
समय-समय पर सभी दवा के स्टाॅक चेक किए जाते हैं, दवा खत्म होने से पहले ही ऑर्डर कर दिए जाते हैं। ऐसे ही एंटी रेबीज की दवा मंगाई गई है।
डॉ. वरुण अरोड़ा,पीआरओ, पीजीआईएमएस