रोहतक। राजीव गांधी खेल स्टेडियम के साई सेंटर में खेलो इंडिया आईसी प्रोग्राम के तहत नेशनल टैलेंट हंट बॉक्सिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता हो रही है। इसमें देशभर से खिलाड़ियों ने भाग लिया है। इसके छठे दिन शुक्रवार को जूनियर सब जूनियर ब्वायज और गर्ल्स वर्ग की प्रतियोगिता हुई। इसमें खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। शुक्रवार को कुल 81 मुकाबले हुए। इसमें ज्यादातर मुकाबले खिलाड़ियों ने वॉकओवर से जीते।
यह रहा परिणाम
31 से 35 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा की अनु ने असम की प्रणामिका दास को 5-शून्य से, 31 से 33 वर्ग में हरियाणा की नियति खोखर ने खुशी अहलावत को 5-शून्य से, 33 से 35 वर्ग में मुशान वर्मा को हरियाणा की भूमि रुहिल ने पांच-शून्य से हराया। ऐसे ही 67-67 वर्ग में हरियाणा की प्राची खत्री को चंडीगढ़ की अंशिका दाबस ने 5-शून्य से, 33 से 35 क वर्ग में तेलंगाना की सैयद हाशमी ने दिल्ली के इशांत गिरी को 5-शून्य से हराया।
35 से 37 वर्ग में महाराष्ट्र के करन माली को तेलंगाना के आर साई हरीश ने 5-0 से, 37 से 40 वर्ग में दिल्ली के अभय प्रताप ने महाराष्ट्र के धैर्य कोठी को 3-2 से और 80 से 80 वर्ग में महाराष्ट्र के कुलजीत को हरियाणा के विनय सुहाग ने 5-0 से, 70 से 75 वर्ग में हरियाणा के लोकेश अहलावत ने दिल्ली के गौरव को 5-0 से, 63 से 66 वर्ग में निखिल को हरियाणा के जितेश सांगवान ने 5-0 से, 63 से 66 वर्ग में यूपी के प्रवीण यादव ने दिल्ली के नवजीत को 5-0 से पराजित किया।
बॉक्सिंग खिलाड़ियों को कोच ने दिए गुरु मंत्र
रोहतक। राजीव गांधी स्टेडियम के साई सेंटर में चल रहे जूनियर-सब जूनियर नेशनल टैलेंट हंट प्रतियोगिता में देशभर से आए खिलाड़ियों को फाइनल से पहले उनके गुरुओं ने जीत का मंत्र दिया। बॉक्सिंग कोच ने बताया कि बॉक्सिंग में प्रतिद्वंद्वी पर अटैक करना और फिर डिफेंस हो जाना ही मुख्य मंत्र है। वैसे जूनियर व सब-जूनियर मुकाबले के खिलाड़ियों पर ज्यादा दबाव नहीं दिया जाता है। सब जूनियर का राउंड टाइम डेढ़ का और जूनियर दो मिनट को होता है। ऐसे में प्रतिद्वंदी दबाव के लिए लगातार प्रहार और डिफेंस में और फिर प्रहार करना ही बॉक्सिंग का सूत्र है।
झारखंड के द्रोणाचार्य अवाॅर्डी कोच बीबी मोहंती, हरियाणा के ओलंपियन कोच लक्खा सिंह ज्ञानचंद रेवाड़ी और पंजाब के कोच जितेंद्र सिंह ने बताया कि खिलाड़ी के लिए उसके राउंड के डेढ़ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। उस समय खिलाड़ी का सबसे महत्वपूर्ण काम है कि वह प्रतिद्वंद्वी से नजर से नजर मिलाकर रखे। इससे खिलाड़ी डिफेंस और अटैक दोनों कर सकेगा। एक अच्छे खिलाड़ी की खूबी होती है कि वह रिंग में धैर्य बनाकर और चित्त शांतकर गेम खेलता है। खिलाड़ी को जीत व हार का दबाव मस्तिष्क पर नहीं लेना चाहिए। सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए। ब्यूरो