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Rohtak News: संयुक्त किसान मोर्चा का एलान- तीन अक्तूबर को प्रदेशभर में टेनी और मोदी के पुतले फूंकेंगे

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रोहतक। संयुक्त किसान मोर्चा तीन अक्तूबर को प्रदेश भर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करेंगे। 26-28 नवंबर को चंडीगढ़ में किसान 75 घंटे का धरना-प्रदर्शन करेंगे। 29 अक्तूबर को मोर्चा की राज्यस्तरीय सम्मेलन जींद में आयोजित किया जाएगा। जाट भवन परिसर में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की हुई राज्यस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉ. सुखदेव जम्मू ने की।उन्होंने आरोप लगाया कि योगी और मोदी सरकार लखीमपुर खीरी में 4 किसान और एक पत्रकार को गाड़ी से कुचलने वाले मंत्री के बेटे को बचाने का काम कर रही है। जिसके खिलाफ पूरे देश में किसान आक्रोश प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाने जा रहे है। दिल्ली के बॉर्डर पर चले किसान आंदोलन के लंबित मुद्दों जिसमे एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी के कानून और बिजली संशोधन कानून को निरस्त करवाने के लिए धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। मोर्चा ने बैठक में आशा वर्कर्स के राज्यव्यापी आंदोलन के पुरजोर समर्थन का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में किसान नेता वीरेंद्र डागर और रोहनात गांव के वेद प्रकाश के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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इस दौरान इंद्रजीत सिंह, कवरजीत सिंह, प्रेम सिंह, जोगेंद्र नैन, विकास सीसर, जयकर्ण दलाल, ओमप्रकाश, सुमित दलाल, अजय, निर्भय, मेवा सिंह, जिया लाल व सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।

उचाना में महापंचायत 9 अक्तूबर को, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मांगेंगे जवाब
बैठक में मोर्चा नेताओं ने सरकार पर किसानों के मुद्दों का समाधान न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बाढ़ और सूखे की मार झेल रहे किसानों को कोई राहत नहीं देना चाहती। बाढ़ से प्रदेश में लाखों एकड़ फसल बर्बाद हुई और दूसरे इलाकों में सूखे और गुलाबी सुंडी के चलते कपास, बाजरे, मूंग आदि फसल बर्बाद हो गई। इसकी गिरदावरी और मुआवजे के बारे सरकार एक शब्द तक नहीं बोल रही। बाढ़ प्रभावितों को फसल मकान,पशु आदि अन्य हानि का मुआवजा अभी तक नहीं मिला। हजारों किसानों ने दोबारा जीरी लगाई उनके नुकसान की भरपाई नहीं हुई, हजारों करोड़ के बीमा क्लेम लंबित है। संगठन 9 अक्तूबर को उपमुख्यमंत्री के उचाना कार्यालय पर किसान महापंचायत कर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से जवाब मांगेंगे।
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