हरियाणा सरकार की ओर से हाल ही में जारी किए गए सीईटी के नए नोटिफिकेशन में नेपाल और भूटान के विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के फैसले का इनसो ने कड़ा विरोध किया है। इनसो के छात्र नेता दीपक मलिक ने इस फैसले को हरियाणा के बेरोजगार युवाओं के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कहा कि राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में दूसरे देशों के छात्रों को शामिल करना अनुचित है। दीपक मलिक ने कहा कि हरियाणा के लाखों युवा वर्षों से रोजगार के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और उन्हें रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ऐसे में दूसरे देशों के छात्रों को हरियाणा की नौकरियों में मौका देना इन युवाओं के साथ धोखा है। इस फैसले से प्रदेश के छात्रों में भारी रोष है अगर यह फैसला वापस नहीं लिया जाता तो इनसो जल्द ही पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ आंदोलन करेगी। संवाद