सोनीपत रोड स्थित बोहर ठेके पर हुई गैंगवार को अंजाम देने वाले बदमाशों का टारगेट अमित उर्फ मोनू था। इसीलिए उसे करीब डेढ़ से दो फीट की दूरी से गोलियां मारी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक ही गोली उसके शरीर में मिली जबकि छह गोलियां उसके शरीर के आरपार हो गई। वारदात में पाॅइंट 32 बोर की गोलियां प्रयोग की गई। पुलिस को मौके से मिले गोलियों की खोल यहीं बयां कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम व एफएसएल की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
शनिवार दोपहर बाद अमित उर्फ मोनू के शव का अंतिम संस्कार हुआ। इससे पूर्व परिजनों ने मोनू के छोटे भाई प्लोटरा की पैराेल का प्रयास किया। सुरक्षा कारणों से यह अनुमति जारी नहीं की गई। इसके चलते दोपहर बाद प्लोटरा तिहाड़ जेल से ऑनलाइन अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ। प्रशासन ने यह स्वीकृति भी सशर्त जारी की। से मोबाइल पर परिवार के सदस्यों को शव का अंतिम संस्कार करते दिखाया गया। पुलिस के पहरे में शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार हुआ।
दिल्ली पुलिस के संपर्क में सीआईए की टीम
गैंगवार के बाद फरार हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें अलग-अलग काम कर रही हैं। इसी कड़ी में एक विशेष टीम दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस अपने सूत्रों को खंगाल रही है। इसके अलावा संदिग्ध ठिकानों पर छापा मारने के साथ पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले में कोई भी जानकारी साझा करने से परहेज बरत रही है।
19 सितंबर को हथियारबंद बदमाशों ने की थी अंधाधुंध फायरिंग
शहर के सोनीपत रोड स्थित बोहर में ठेके पर 19 सितंबर को रात करीब 10 बजे तीन बाइकों पर सवार होकर आए हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें बोहर बोहर निवासी 30 वर्षीय जयदीप, 37 वर्षीय अमित, 28 वर्षीय विनय की मौत हो गई। जबकि 29 वर्षीय अनुज राणा व 32 वर्षीय मनोज निवासी आर्य नगर घायल हो गए। घायल पीजीआई में उपचाराधीन हैं। इनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। शुक्रवार रात विनय व जयदीप के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिए गए। जबकि अमित उर्फ मोनू का शव शनिवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बद परिजनों को सौंपा गया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। हत्यारों की तलाश में तलाश जारी है।