बदलते तकनीकी दौरे में सोशल मीडिया नई ताकत बनकर उभरा है। यह समाज को जोड़ने के साथ सीखने का भी बेहतर मंच है। नई पीढ़ी के लिए सोशल मीडिया बेहतर कॅरिअर के अवसर भी प्रदान कर रहा है। हंसी-मजाक या अपने देहाती अंदाज में समाज तक अपना संदेश पहुंचाने वाले इन्फलुएंसर्स अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं।
ऐसे में बच्चों को सोशल मीडिया से अलग करने या इसे लेकर टोकने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर दें। उन पर नजर अवश्य रखें। यह बात सोशल मीडिया इन्फलुएंसर्स व सुपवा व जाट कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच हुई बातचीत में सामने आई। अमर उजाला कार्यालय में पहुंचे इन्फलुएंसर्स व विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा के साथ सफलता की कहानी साझा की।
वास्तविक जीवन को हंसी ठिठोली के साथ दर्शाने का प्रयास रहता है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों का इसी तरह मनोरंजन करती हूं। इसे सिर्फ कमाई के एक साधन के नजरिए से ही नहीं देखती। यह समाज से भी जुड़ा है।
-सेजल गाबा, आर्य नगर।
सोशल मीडिया को विज्ञान शिक्षा विज्ञान के प्रचार-प्रसार में प्रयोग कर रही हूं। अपने साधारण से कंटेंट के जरिए लोगों का ज्ञानवर्धन करने का प्रयास रहता है। शुरू में मम्मी मना करती थी। अब यही घर बैठे अच्छी खासी आय दे रहा है। इससे आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनी हूं।
-कुदरत अरोड़ा, शिवाजी कॉलोनी।
सोशल मीडिया के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित करना चाहती हूं। इसलिए दर्शकों को अपने कंटेंट से जोड़कर उन्हें संस्कृति से रूबरू करने का प्रयास है। सोशल मीडिया पर कुछ अच्छा व जानकारी देने वाला कंटेंट भी उपलब्ध है।
-रितु श्योरान, देव कॉलोनी।
मेरे रोल मॉडल राजपाल यादव हैं। इनका कहना है कि चेहरे की खूबसूरती मायने नहीं रखती, प्रतिभा अहम है। उन्हीं को देखते हुए सोशल मीडिया पर अपना कंटेंट डालता हूं। लोगों को हंसी-मजाक में अपना सकारात्मक संदेश देने का प्रयास रहता है। इसलिए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करता हूं।
-साहिल, गांधी नगर।
कभी सोचा नहीं था, सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करूंगा। इस तरह से रुपये भी कमाए जा सकते हैं, यह भी नहीं जानता था। एक दिन मोमोज की रेहड़ी पर अपने दोस्त के साथ मजाक में वीडियो बनाई थी। कुछ दिन बाद इसे सोशल मीडिया एकाउंट पर अपलोड किया तो इसे खूब पसंद किया गया। खाने से जुड़ा वीडियो दर्शकों को लुभाता है।
-त्रिगुण, आदर्श नगर।
अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को देखकर मेरा सोशल मीडिया पर वीडियो डालने का मन किया। अब इसे ही कॅरिअर के रूप में अपनाया है। अश्लीलता न परोस कर, समाज को सकारात्मक संदेश देने वाले वीडियो डालने चाहिए। अच्छा कंटेंट बच्चों या युवा ही नहीं, हर उम्र के व्यक्ति को आकर्षिक करता है।
-अभय, भापडौदा, झज्जर।
पहली वीडियो घर बैठे बनाई थी। इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया। इसे लोगों ने काफी पसंद किया। अब इसी में अपना भविष्य बनाना है। इसके लिए परिवार और समाज से जूडी वीडियो बनाकर अपलोड करता हूं। पैसा कमाना ही एकमात्र लक्ष्य नहीं है, लोगों के बीच बने रहने की भी बड़ी चुनौती है।
-निखिल राठी, भापडौदा, झज्जर।
मैं अपने भाई निखिल के साथ वीडियो बनाता हूं। मनोरंजन के साथ ज्ञान अपने दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। कंटेंट वही चुनना चाहिए, जिसमें आप एक्सपर्ट हों। चाहे वह गाना हो, नाचना हो या हंसाना गुदगुदाना हो। सोशल मीडिया ने मनोरंजन के साथ उद्यमिता की नई राह भी सुझाई है।
-सचिन राठी, भापडौदा, झज्जर।