बहादुरगढ़। दिल्ली के राजौरी गार्डन में बुधवार की रात बर्गर किंग आउटलेट में छोछी गांव के अमन जून की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। माना जा रहा है कि मुखबिरी के शक में भाऊ गैंग ने अमन की हत्या की है। अमन साल 2020 से ही भाऊ गैंग के निशाने पर था। उसे शक था कि उसकी हत्या हो सकती है, इसलिए वह काफी समय से भूमिगत चल रहा था।
जिले के गांव छोछी निवासी अमन जून की बुधवार को दो हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर रोहतक के टिटौली गांव के रहने वाले हिमांशु भाऊ ने अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इस वजह से दिल्ली पुलिस इस वारदात को गैंगवार से जोड़कर देख रही है।
सूत्रों की मानें तो अक्तूबर 2020 में छोछी गांव में शक्ति सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विरोधी गुट अशोक प्रधान निलौठी के बदमाशों का नाम सामने आया था। शक्ति सिंह पर भी कई आपराधिक केस दर्ज थे। मृतक शक्ति सिंह गैंगस्टर नीरज बवाना का रिश्तेदार था। शक्ति सिंह का शराब का ठेका था। नीरज और उसके सहयोगी गैंग के लोगों को शक था कि अमन जून ने ही शक्ति की रेकी करके मुखबिरी की थी। अमन खुद भी अशोक प्रधान निलौठी गांव का सक्रिय सदस्य था, लेकिन अमन पर बहादुरगढ़ में किसी भी थाने में कोई आपराधिक रिकाॅर्ड नहीं है।
शक्ति की हत्या के बादद से अमन नहीं गया था घर
पुलिस सूत्रों की मानें तो शक्ति सिंह की हत्या के बाद से अमन जून अपने घर नहीं गया था। उसे भय था कि उसकी हत्या करवा दी जाएगी। ऐसे में वह बार-बार जगह बदलकर रह रहा था। लेकिन, 19 जून को दिल्ली के राजौरी गार्डन में अमन की हत्या कर दी गई।