रोहतक। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के युग में विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में नए कौशल में पारंगत होना होगा। इंडस्ट्री के विविध क्षेत्रों में इसके प्रयोग करने में निपुण होना होगा। तकनीकी विकास के स्तर को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों को वर्तमान में किताबी ज्ञान के साथ साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने पर भी अधिक जोर देना होगा। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में मंगलवार को लेटेस्ट ट्रेंड्स इन इंजीनियरिंग विषय पर हुए एक दिवसीय अवेयरनेस कम ट्रेनिंग प्रोग्राम में ये बातें उभर कर सामने आई।
गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक काॅलेज, लिसाना के विद्यार्थियों के दल ने प्राध्यापक अमित हुड्डा व जितेंद्र सिंह की अगुवाई में इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया व प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में होने वाले नूतन विकास के बारे में विस्तार पूर्वक जाना। विद्यार्थियों ने मुख्य रूप से 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सस्टेनेबल डेवलपमेंट इत्यादि की जानकारी प्राप्त की। प्राध्यापक डाॅ. गरिमा चोपड़ा व प्रो. विनीत सिंगला ने विद्यार्थियों को यूआईईटी में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
विद्यार्थियों के दल ने इनक्यूबेशन सेंटर का दौरा किया। डाॅ. दीपक छाबड़ा ने 3डी प्रिंटिंग व इनक्यूबेशन सेंटर में चल रहे विभिन्न स्टार्टअप स्कीम्स व प्रयोगों के बारे में विस्तार से बताया। मौके पर डाॅ. कविता हुड्डा, इंजीनियर खुशबू, प्रो. प्रभाकर कौशिक, डाॅ. चंचल हुड्डा, डाॅ. रविंद्र कुमार सहदेव, डाॅ. मीना, डाॅ. मनजीत कौर, डाॅ. राजेश, डाॅ. नवीन खटक, रविंद्र कुंडू, इंजीनियर आशीष डाला आदि उपस्थित रहे।