रोहतक। गांधी नगर स्थित सिरतार (स्टेट इंस्टीट्यूट फोर रिहैविलिटेशन ट्रेनिंग एंड रिसर्च) संस्थान में बच्चों को बाल खींचकर जगाने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। संस्थान में मिलीं खामियों को दूर करने के लिए जिला उपायुक्त को निर्देश दिए गए है। इसके बाद संस्थान की ओर से अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार और संस्थान की छवि को खराब करने की कोशिश बताया है। संस्थान के प्रिंसिपल ने कहा कि ह्यूमन राइट कमीशन के सदस्य चाहे तो संस्थान में आकर जांच कर सकते है। केवल एक आदमी के आरोप है, संस्थान में और भी बच्चे आते है, उनसे पर नहीं बल्कि संस्थान में आकर सभी बच्चों व उनके माता-पिता से भी बात करनी चाहिए। संस्थान को बदनाम करने के लिए पहले भी शिकायतें की गई है। चार बार सीएम विंडो पर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिला। संस्थानों को बदनाम करने का प्रयास है। अगर जांच के बाद आरोप निराधार मिलते है, तो शिकायतकर्ता पर भी कार्यवाही होनी चाहिए।