बहादुरगढ़। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपियों को सीआईए-1 पुलिस ने शुक्रवार को बहादुरगढ़ अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि चोटिल होने के कारण उनका रिमांड नहीं मिल सका। स्वस्थ होने के बाद उनको कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। फिर उनसे पूछताछ की जाएगी।
गौरतलब है कि बुधवार की सुबह पुलिस के साथ बदमाशों की मुठभेड़ हुई थी। इसमें उन्हें गोलियां लगी थीं। तीनों का पीजीआईएमएस में उपचार कराया गया। इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इन बदमाशों पर दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी दीपक मांझी के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज है। आरोपियों में रोहद गांव निवासी सुनील, अंकित और दहकौरा गांव निवासी विकास शामिल है। जिस वक्त अपहरण हुआ दीपक मांझी आईटीआई में पेपर देने के लिए सांपला आया हुआ था। वहीं से बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। दीपक के परिजनों से बदमाशों ने 5 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी। जब बदमाश फिरौती लेने पहुंचे थे तो पुलिस ने घेराबंदी करके एक आरोपी सतीश निवासी रोहतक को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, यह तीन आरोपी मौके से फरार हो गए थे। दीपक मांझी की गला दबाकर हत्या कर दी थी और रोहतक के कारोर गांव के पास से निकल रही माइनर में हाथ पैर बांधकर फेंक दिया था। सीआईए-1 इंचार्ज जयवीर ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।