रोहतक। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हमारे जीवन में व्यापक बदलाव लाएगा। इसका उपयोग सूझबूझ के साथ मानव कल्याण के लिए किया जाए। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के गणित विभाग में- अनलॉकिंग द फ्यूचर: एआई कंप्यूटिंग, रिसर्च मैथडोलॉजी, पब्लिकेशन एंड एक्सपीरियंस शेयरिंग विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए डीन, स्टूडेंड वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने यह उद्गार व्यक्त किए।
मुख्यातिथि प्रो. राणा ने अपने प्रभावशाली संबोधन में स्पष्ट किया कि एआई के प्रयोग से हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि इसके जितने फायदे हैं, उतने ही खतरे भी हैं। इसलिए इसके उपयोग में विशेष सावधानी बरतने और सकारात्मक उपयोग की सोच पर बल देने की आवश्यकता है। उन्होंने गणित विभाग को इस कार्यशाला के आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
पोखरा यूनिवर्सिटी, नेपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. यज्ञनाथ रिमल ने बतौर की-नोट स्पीकर कार्यशाला के विषय पर व्याख्यान दिया। गणित विभाग के अध्यक्ष प्रो. दलीप सिंह ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। उन्होंने एआई कंप्यूटिंग और रिसर्च मैथडोलॉजी बारे विस्तार से जानकारी दी। प्रो. सुमित गिल ने शोधार्थी बिन्नी ने मंच संचालन किया। इस मौके पर प्राध्यापक प्रो. जेएस सिक्का, प्रो. राजीव कुमार, डाॅ. सविता राठी, डाॅ. जगबीर सिंह, डाॅ. एकता नरवाल, डाॅ. मीनाक्षी हुड्डा, डाॅ. पूनम रेढू, डाॅ. मोनिका समेत विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।